D Gukesh : शतरंज की दुनिया में भारत के डी गुकेश D Gukesh ने इतिहास रच दिया है. डी गुकेश चेस के खेल में विश्व के सबसे कम उम्र के नए वर्ल्ड चैम्पियन बन गए हैं. गुकेश ने गुरुवार को वर्ल्ड चेस चैम्पियनशिप 2024 के फाइनल में चीन को हराकर पूर्व भारतीय चेस मास्टर विश्वनाथन आनंद की बराबरी कर ली है.
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने गुकेश को बधाई देते हुए कहा कि “आपने अनंत संभावनाओं की दुनिया खोल दी है ”
In a game of 64 squares, you’ve opened a world of endless possibilities. Congratulations, @DGukesh, on becoming the 18th World Champion at just 18! Following in Vishy’s footsteps, you’re now guiding the next wave of Indian chess prodigies. 🇮🇳♟️🏆
pic.twitter.com/3kPCzGEv1d— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) December 12, 2024
D Gukesh ने डिफेंडिंग चैपियन Ding Liren को हराया
वर्ल्ड चेस चैम्पियन 2024 का फाइनल गुरुवार को सिंगापुर में हुआ. इस मुकाबले में डी गुकेश की टक्कर चीन के चेस मास्टर और डिफेंडिंग चैम्पियन डिंग लिरेन (Ding Liren) से हुई. इस मुकाबले में डी गुकेश ने डिफेंडिंग चैपियन डिंग लिरेन को 14वीं बाजी में करारी शिकस्त दी और विश्व चैंपियनशिप के खिताब पर कब्जा करके इताहिस रच दिया.
शुरु से ही चीनी खिलाड़ी पर भारी रहे डी गुकेश
चीनी खिलाड़ी डिंग लिरेन के खिलाफ डी गुकेश ने काले मोहरों के साथ खेला. गुकेश हर बाजी में डिंग लिरेन पर भारी पड़ रहे थे. आखिरकार 14 वीं बाजी में डी गुकेश ने शानदार चाल की बदौलत चीन की चेस में बादशाहत खत्म की और चेस की दुनिया के नये बादशाह बन गये.
डी गुकेश बने विश्व के सबसे कम उम्र के चेस चैंपियन
18 साल के डी गुकेश विश्व शतरंज मुकाबले में शानदार गेम खेलकर अब दुनिया के सबसे कम उम्र के विश्व चैम्पियन बन गए हैं. जी गुकेश विश्वनाथन आनंद के बाद भारत के दूसरे खिलाडी है, जिन्होने वर्ल्ड चेस चैम्पियन जीता है. विश्वनाथन 5 बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीत चुके हैं.विश्वनाथन आनंद ने आखिरी वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब 2013 में जीता था.
खिताबी मुकाबले में हुई कांटे की टक्कर
केवल 18 साल के होने के बावजूद जी गुकेश ने खेल को दौरान गजब का धैर्य दिखाया.कई बार वो चीनी खिलाड़ी डिंग लिरेन से पिछड़ते भी नजर लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉन्फिडेंस दिखते हुए कोशिशें जारी रखीं. नतीजा ये हुआ कि आखिर में डिंग लिरेन दवाब में आ गये और उन्होंने बड़ी गलती कर दी. गुकेश ने तुरंत इसका फायदा उठाया और एक ही चाल से डिंग लिरेन को चित करते हुए मैच और ताज दोनों अपने नाम कर लिये.
गुकेश ने आखिरी पारी में चीनी खिलाडी डिंग लिरेन के 6.5 प्वाइंट के मुकाबले 7.5 अंक हासिल किये.
डी गुकेश ने इस जीत के साथ ही शतरंज की दुनिया की बादशाहत एक बार फिर से भारत के नाम कर दी है. 2013 में विश्वनाथान आनंद की जीत के बाद अब 11 साल बाद जी गुकेश ने विश्व चेस चैंपियनशिप जीता है और दुनिया के सबसे युवा चैम्पियन बन गये हैं . गुकेश से पहले रूस के गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चेस चैम्पियन थे, जिन्होंने 22 साल की उम्र में 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर विश्व चैंपियन का खिताब जीता था.

