Bangladesh: चिन्मय दास के वकील रेगन आचार्य पर ‘क्रूर हमला’, उनके चैंबर में तोड़फोड़, इस्कॉन कोलकाता का दावा

Bangladesh: इस्कॉन कोलकाता ने मंगलवार को दावा किया कि हिंदू भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के दिन उनका प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों में से एक रेगन आचार्य पर सुनवाई के बाद “क्रूर हमला” किया गया.

Bangladesh: चिन्मय दास के वकील रेगन आचार्य पर ‘क्रूर हमला’

अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने एक्स पर आचार्य के कक्ष का वीडियो पोस्ट किया, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया कि उसमें तोड़फोड़ की गई थी.
राधारमण ने लिखा, “इस वीडियो में उनके चैंबर के साइनबोर्ड पर उनका नाम बंगाली में दिखाई दे रहा है.” उन्होंने पूछा कि कोई भी वकील पूर्व इस्कॉन पुजारी के लिए कैसे पेश हो सकता है “जब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है”. हालांकि, इस खबर को रिपोर्ट करने वाली HT.com ने इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में असमर्थता जताई है.
हलांकि अब ये पोस्ट इस्कॉन प्रवक्ता राधारमण के अकाउंट से हटा दी गई है.

चिन्मय की अगली जमानत सुनवाई 2 जनवरी, 2025 को होगी

रिपोर्ट के अनुसार, इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता का यह दावा बांग्लादेश की एक अदालत द्वारा चिन्मय की जमानत की सुनवाई स्थगित करने के कुछ घंटों बाद आया है, क्योंकि उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई वकील उपलब्ध नहीं था.
आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय की अगली जमानत सुनवाई 2 जनवरी, 2025 को तय की गई है. बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता के रूप में काम करने वाले चिन्मय को पिछले सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था. भिक्षु को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
इसके अलावा, चिन्मय, जिन्हें इस्कॉन समुदाय में श्री चिन्मय कृष्ण प्रभु के नाम से भी जाना जाता है, बांग्लादेश में एक प्रभावशाली धार्मिक नेता हैं. उन्होंने पहले चटगाँव में इस्कॉन के लिए विभागीय आयोजन सचिव का पद भी संभाला था.

राधारमण ने किया चिन्मय के वकील के अस्पताल में होने का दावा

इससे पहले दिन में, राधारमण ने दावा किया था कि बांग्लादेश में एक कानूनी मामले में चिन्मय का बचाव करने वाले अधिवक्ता रामेन रॉय पर “इस्लामवादियों” ने क्रूरतापूर्वक हमला किया था, जिन्होंने उनके घर में तोड़फोड़ भी की थी.
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष ने कहा कि रामेन रॉय अस्पताल में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि रॉय की “गलती” चिन्मय दास का कोर्ट में बचाव करना था. हमले में रॉय गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल वह आईसीयू में हैं और अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
गौरतलब है कि चिन्मय की गिरफ्तारी के बाद से बांग्लादेश में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, जिससे ढाका और पूरे भारत में हिंदू और इस्कॉन समुदाय में भारी असंतोष फैला हुआ है.

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