Delhi New Chief Secretary : केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिल्ली के लिए नये मुख्य सचिव के नाम का ऐलान कर दिया है. अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एंड यूनियन टेरिटरी (AGMUT) कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को दिल्ली का नया मुख्य सचिव बनाया गया है. धर्मेंद्र कुमार वर्तमान मुख्य सचिव नरेश कुमार की जगह लेगें. नरेश कुमार को सरकार अब तक दो बार एक्सटेंश दे चुकी है. नरेश कुमार को पहली बार 6 महीने और दूसरी बर 3 महीने का एक्टेंशन मिला.अब इस बार उनके एक्सटेंशन को बढाया नहीं गया है,बल्कि AGMUT से दिल्ली बुलाकर उन्हें पदभार दिया जा रहा है.
Delhi New Chief Secretary 1 सितंबर से करेंगे पदभार ग्रहण
धर्मेंद्र कुमार फिलहाल अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव हैं .2022 में उन्हें अरुणाचल प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था.अब उन्हें अरुणाचल से पदस्थापित कर दिल्ली बुलाया जा रहा है. सितंबर की पहली तारीख से दिल्ली में नरेश कुमार की जगह पर दिल्ली के मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करेंगे.धर्मेंद्र कुमार पहले भी दिल्ली सरकार के कई विभागों में बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव बनने से पहले वो नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के चेयरपर्सन रह चुके हैं. धर्मेंद्र कुमार दिल्ली में पर्यावरण सचिव भी रह चुके हैं.
वर्तमान मुख्य सचिव नरेश कुमार को दो बार मिल चुका है सेवा विस्तार
वर्तमान मुख्य सचिव नरेश कुमार 30 नवंबर 2023 में सेवा निवृत हो गये थे फिर उन्हें दो बार सेवा विस्तार दिया गया.पहली बार 6 महीने और फिर 3 महीन का सेवा विस्तार मिला. अब नये मुख्य सचिव के नाम का ऐलान हो जाने के बाद ये तय हो गया कि अब नरेश कुमार को सरकार और सेवा विस्तार (Service Extension) नहीं देगी.
नये मुख्य सचिव के सामने चुनौतियां
दिल्ली में नये मुख्य सचिव को तब लाया जा रहा है,जब दिल्ली में विधानसभा के चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं.राज्य में चुनी हई सरकार के मुख्यमंत्री जेल में हैं,और आम आदमी सरकार की केंद्र की सरकार के साथ 36 का आंकड़ा है. ऐसे में नये मुख्य सचिव के सामने सरकार और केंद्र के बीच सांमजस्य बनाये रखना बड़ी जिम्मेदारी होगी. धर्मेद्र कुमार के लेकर आम धारणा है कि वो एक शांत प्रवृति के व्यक्ति हैं. इसलिए वो दिल्ली के मुश्किल हालात को समझ कर उस पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे. इस समय उनके पास अपने शांत व्यवहार की छवि को बनाये रखना भी महत्वपूर्ण होगा.
दिल्ली के नये मुख्य सचिव के सामने चुनौतियां
दिल्ली में हर साल सर्दी के मौसम के शुरुआती दौर में पराली और गाडियों होने वाला प्रदूषण सबसे पहली चुनौती होगी. यहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाना उनका प्राथमिकता होगी . साथ ही दिल्ली के राजनीतिक माहौल में चुनाव की जटिलता को सुलझाना भी अहम चुनौती होगी.
नरेश कुमार का कैसा रहा कार्यकाल
आज रिटायर हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश कुमार का कार्यकाल काफी विवादस्पद रहा. नरेश कुमार उपराजयापाल वीके सक्सेना के काफी करीबी सहयोगी माना जाता था. नरेश कुमार के कार्यकाल में कई अरविंद केजरीवाल समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच हुईं. दिल्ली एक्साइज पॉलिसी और सीएम केजरीवाल के आवास के निर्माण में कथित तौर पर अनियमितताओं का मामला शामिल है. नरेश कुमार के कार्यकाल के दौरान अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दोनों को जेल हुई .
नरेश कुमार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण घटनाएं भी हुई.
नरेश कुमार का कार्यकाल महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है. नरेश कुमरा के कार्यकाल में दिल्ली में सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट फैसला और इसके बाद संसद में दिल्ली सेवा अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक पारित होना.
दिल्ली में नरेश कुमार का मुख्य सचिव के तौर पर कार्यकाल आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के साथ टकराव भरा ही रहा.





