Thursday, January 29, 2026

Wolf terror in Bahraich: वन विभाग के जाल में फंसे 4 हत्यारे भेड़िए, बाकी 2 से बचाव के लिए रात में पटाखों और तेज़ रोशनी का लिया जा रहा है सराहा

Wolf terror in Bahraich: उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़ियों का आतंक जारी है. रात में भेड़ियों को दूर रखने के लिए ग्रामीण कई हफ़्तों से रोशनी और पटाखे का इस्तेमाल कर रहे हैं. आस-पास के जंगलों से लगातार आने वाली भेड़ियों की आवाज़ से उनकी नींद में खलल पड़ता है, इसलिए वे खुद को बचाने के लिए पटाखे फोड़ते हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने मिलकर यह पहल की है, जिसके तहत भेड़ियों को तेज आवाज और चमकदार रोशनी का उपयोग करके भगाने की योजना बनाई गई है.
रिपोर्ट में प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह के हवाले से कहा गया है कि निवासियों की सुरक्षा के लिए कई गांवों में हर घंटे पटाखे फोड़े जा रहे हैं.

Wolf terror in Bahraich: 6 में से 4 हत्यारें भेड़िए पकड़े गए

वन अधिकारियों ने आदमखोर 6 भेड़ियों के झुंड़ में से चार को पकड़ लिया है. इन्होंने पिछले 40 दिनों में सात बच्चे समेत 9 लोगों की जान ली है. विभाग का कहना है कि अभी तक दो भेड़िये उनके लिए बिछाए गए सभी जालों को चकमा देने में कामयाब रहे हैं.
प्रभागीय वन अधिकारी ने कहा कि हत्यारे भेड़ियों के खिलाफ़ अभियान में जागरूकता पैदा करना भी एक महत्वपूर्ण काम है, इसलिए जन जागरूकता कार्यक्रम कम से कम दो महीने तक जारी रहेंगे, जब तक कि यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि क्षेत्र भेड़ियों से मुक्त हो गया है.
बहराइच में भेड़ियों के साथ मुठभेड़ आम बात नहीं है. इसी का नतीजा है कि राज्य मशीनरी और विभिन्न दूसरे प्रभावित लोग भी राहत और पकड़ने के अभियान में शामिल हो गए हैं. वन विभाग क्षेत्र में भेड़ियों को ढूंढने के लिए ड्रोन का भी उपयोग कर रहा है.
भेड़िए लेते हैं बदला
शेर और तेंदुए बदला लेने की प्रवृत्ति नहीं रखते हैं, लेकिन भेड़िये बदला लेते हैं. वन अधिकारी ने कहा कि अगर भेड़ियों के आवास में गड़बड़ी होती है या उनके शावक को पकड़ने/मारने या पालतू बनाने का प्रयास किया जाता है, तो वे इंसानों का शिकार करके जवाबी कार्रवाई करते हैं.

Wolf terror in Bahraich: 40 दिन में भेड़िए ने ली 7 लोगों की जान

घाघरा नदी के तराई क्षेत्र में बसे करीब 30 गांवों के लोग अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए पिछले डेढ़ महीने से रातों की नींद हराम कर रहे हैं. दिन में भी बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोका जा रहा है, जिससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है.
इस रोकटोक के पीछे भेड़िए का आतंक है, जिसने मार्च 2024 से अब तक 1 से 8 वर्ष की आयु के नौ बच्चों को मार डाला है. नौ हत्याओं में से सात पिछले 40 दिनों यानी 17 जुलाई से 26 अगस्त के बीच हुई हैं. बहराइच के महसी तहसील के अंतर्गत आने वाले हरदी और खैरीघाट थाना क्षेत्रों में भेड़ियों ने 50 अन्य लोगों पर हमला करके उन्हें घायल भी किया है.

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