Shahberi Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोयडा वेस्ट के शाहबेरी इलाके में अवैध कब्जा कर बने मकानों और दुकानों पर सीएम योगी का बुल्डोजर एक्शन शुरु हुआ है. नोयडा जिला प्रशासन ने बुधवार को दो ऑफिस और 48 दुकानों (खसरा नंबर 187 पर बना था) को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यहां 10 बीघा जमीन पर ढाई बीघा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया. कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस के साथ साथ पीएसी और आरआरएफ के 300 से अधिक जवान मोर्चे पर डंटे रहे .
Shahberi Bulldozer Action : सुबह 11 बजे शुरु हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक ग्रेटर नोयडा वेस्ट के शाहबेरी में अवैध जमीनों पर कब्जा करके बने दुकानों के ध्वस्तीकरण के लिए प्रशासन की टीम बुधवार को 11 बजे मौके पर पहुंची. जरुरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई करीब की प्रक्रिया दोपहर 12.10 पर शुरू हुई,जो शाम 5 बजे तक चली. इलाके में करीब 5 घंटे तक लगातार बुल्डोजर गरजता रहा, यहां ज्यादातर उन दुकानों के अभी तोड़ा गया जो निर्माण के क्रम में थीं. दुकानों और घरों को खाली करने के लिए प्रशासन ने एक सप्ताह पहले नोटिस दिया था.जिन दुकानों पर बुल्डोजर चले , वो सभी शत्रु संपत्ति पर बने हुए थे. खसरा नंबर 187 की कुल दस बीघा जमीन पर 148 दुकानें बनी हुई है. इनमें से 96 दुकानों को मार्च 2023 में सील कर दिया गया था.
कब्जे की जमीन की कीमत करीब 26 करोड़ रुपये
जिला प्रशासन के मुताबिक खसरा नंबर 187 की कुल दस बीघा जमीन की कीमत एक अनुमान के मुताबिक इस समय 26 करोड़ रुपये है. प्रशासन ने कार्रवाई को दौरान ढाई बीघा जमीन पर बने दो ऑफिस और 50 दुकानों पर बुल्डोजर चल कर ध्वस्त कर दिया. जिस जमीन को प्रशासन ने कब्जामुक्त करया है उसकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ से ज्यादा है. खसरा नंबर 187 पर अभी भी करीब 100 दुकानें मौजूद हैं, ये भी ध्वस्त किये जायेंगे.
बुल्डोजर कार्रवाई के दौरान कई दुकानों को तोड़ने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी. दरअसल इस इलके में कई दुकानें बाकायदा आरसीसी से बनाया गया है. इसलिए उन्हें बुलल्डोज करने में कठिनाई हुई.फिर कार्रवाई दल ने पोकलेन और ड्रिल मशीनों के सहारे इनका ध्वस्तीकरण किया. जानकारी के मुताबिक 2-3 दन के बाद एक बार फिर से प्रशासन का बुल्डोजर इस इलाके में आयेगा औऱ फिर से ध्वस्तीकऱण का काम शुरु होगा.
मौके पर एडीएम प्रशासन मंगलेश दुबे, एसडीएम अनुज नेहरा, दादरी लेखपाल दर्शन सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे.





