Mos Harsh Malhotra : दधीचि देहदान समिति ने समिति के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के केंद्रीय राज्य मंत्री बनने पर 8 जुलाई को आनंद उत्सव मनाया . इस अवसर पर समिति के संरक्षक आलोक कुमार के साथ समिति के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शुभेच्छु उपस्थित रहे. यह कार्यक्रम हर्ष जी पर केंद्रित था. समिति के सभी उपाध्यक्षों ने हर्ष जी के लिए अपनी शुभेच्छा व शुभकामनाएं भाव पूर्ण शब्दों में प्रकट की. समिति के सभी क्षेत्रीय संयोजक अपनी कार्यकर्ताओं की टीम के साथ सस्नेह, उपहार लेकर हर्ष जी का स्वागत करने के लिए उपस्थित थे . बीसे अग्रवाल बड़ी पंचायत के सभी पदाधिकारियों ने सम्मानपूर्वक समिति के संरक्षक आलोक कुमार व अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का स्वागत किया.

Mos Harsh Malhotra को शुभकामना देने पहुंचे डॉक्टर्स
स्वस्ति वाचन के मंत्रों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ . समिति की गतिविधियों में सहायक लगभग 15 डॉक्टर इस कार्यक्रम में हर्ष जी को शुभकामनाएं देने के लिए उपस्थित थे. समिति के संरक्षण आलोक कुमार ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस तरह से हर्ष मल्होत्रा जी ने समिति के लिए निस्वार्थ भाव से अपना समय देकर, समिति के विस्तार में अपना अमूल्य योगदान दिया और मानवता की सेवा की, उसका शुभ फल ईश्वर ने उन्हें इस नए दायित्व के रूप में दिया है . उन्हें पूर्ण विश्वास है कि हर्ष जी इस दायित्व का निर्वाह पूर्ण निष्ठा से करेंगे और जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे . यह समय बहुत कठिन है. देश मोदी जी के नेतृत्व में चौतरफा चुनौतियों का सामना कर रहा है. यह सौभाग्य की बात है कि ऐसे समय में हर्षजी मोदी जी की टीम के सदस्य के रूप में अपनी सार्थक भूमिका निभा रहे हैं . उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है देहदान के कार्य में अब दधीचि की आवाज, हर्ष जी संसद में भी बनेंगे .
‘हर्ष मलहोत्रा को राष्ट्रहति में काम करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात’
कार्यक्रम का स्वरूप पारिवारिक और हल्के-फुल्के वातावरण वाला रहा. मंच का संचालन करते हुए समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू प्रभा ने कहा कि हर्ष जी अब अपने पारिवारिक दायित्वों से मुक्त हो गए हैं इसलिए ईश्वर ने उन्हें राष्ट्रहित में कुछ करने का दायित्व दिया है. राष्ट्र के लिए उनकी आहुति सफल हो, सार्थक रहे …ऐसी समिति परिवार की ओर से उनके लिए शुभकामनाएं भी दीं. हर्ष जी ने अपने चिर परिचित सहज अंदाज में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि” मैं दधीचि के साथ जुड़ा रहूंगा. आप सब की शुभकामनाओं से ही मैं यहां तक पहुंचा हूं . आलोक जी ने मुझे सामाजिक क्षेत्र में एक बच्चे की तरह काम करना सिखाया है. मंजू भाभी का भी मुझ पर मां सा स्नेह और आशीर्वाद है. टाइम मैनेजमेंट सीखने के लिए मुझे इन दोनों से ही मार्गदर्शन लेना होगा”.श्री कमल खुराना के धन्यवाद ज्ञापन के बाद ” सर्वे भवन्तु सुखिन: ” मंत्रोच्चार से कार्यक्रम समाप्त हुआ.

