G Janardhan Reddy के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस का पीएम मोदी से सवाल

नई दिल्ली : इस बार 400 पार के नारे को जमीनी जामा पहनाने के लिए बीजेपी ने येन केन प्रकारेण कवायदों में जुटी है. खासकर दक्षिण भारत में अपना झंडा बुलंद करने के लिए तमाम नीतियों को ताक पर रखते हुए उस नेता को भी पार्टी में शामिल करवा लिया है, जिसपर नौ मामलों में सीबीआई की जांच चल रही है. बात कर्नाटक के पूर्व मंत्री G Janardhan Reddy जी जनार्दन रेड्डी की हो रही है, जिसपर अवैध खनन के 9 गंभीर मामले चल रहे हैं. जनार्दन रेड्डी के ऊपर 35 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप हैं. G Janardhan Reddy ने सोमवार को बीजेपी ज्वाइन कर ली. मजे की बात ये है कि इस नेता ने बीजेपी में शामिल होने के साथ ही कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करने के लिए बीजेपी ज्वाइन की है. अब कांग्रेस बीजेपी के इस कदम पर पीएम मोदी से सवाल पूछ रही है.

G Janardhan Reddy पर बीजेपी सरकार में हुए थे मामले दर्ज

कर्नाटक बीजेपी से बाहर आने के बाद जे जनार्दन रेड्डी ने अपनी अलग पार्टी कल्याण राज्य प्रगति पक्ष (KRPP) बनाई थी . सोमवार को जनार्दन रेड्डी ने ये कहते हुए अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया कि ये तो उनकी घर वापसी है.  आपको बता दें कि जी जनार्दन रेड्डी पर भ्रष्टाचार के तमाम केस साल 2008 से 2013 के बीच लगे थे, जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार थी.

केआरपीपी के कारण कर्नाटक में हुआ भाजपा को नुकसान

माना जा रहा है कि पिछले साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जी जनार्दन रेड्डी की केआरपीपी ने बीजेपी को बहुत नुकसान पहुंचाया था. अब पार्टी ने उस नुकसान से बचने के लिए 35 हजार करोड़ के घोटाले को आरोपी को अपने गले लगा लिया है. केआरपीपी से कर्नाटक में जी जनार्दन रेड्डी अकेले विधायक है.

रेड्डी ने बीजेपी में शामिल होते हुए कहा कि वो तो बाहर से समर्थन देन चाहते थे लेकिन गृहमंत्री अमित शाह ने जोर दिया कि वो पार्टी में शामिल हों, इसलिए मैंने अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया. जी जनार्दन रेड्डी ने इसे घर वापसी बताया है.

12-13 साल सक्रिय राजनीति से दूर रहे जनार्दन रेड्डी  

जी जनार्दन रेड्डी अवैध खनन मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पिछले लगभग 12 -13 वर्षों से राजनीतिक रुप से सक्रिय नहीं थे. वह 2023 के कर्नाटक विधानसभा में एक बार फिर से सक्रिय हुए. जनार्दन रेड्डी ने 2018 में अपने दोस्त और पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलु के लिए प्रचार किया था , उस समय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा का जनार्दन रेड्डी से कोई लेना नहीं है.

जी जनार्दन रेडडी की बीजेपी में वापसी के बाद एक बार फिर से सवाल उठने शुरु हो गये हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टालरेंस का दावा करने वाली बीजेपी के लिए क्या अपने लिए और तमाम दूसरी पार्टियों के लिए अलग अलग-अलग मापदंड है. आखिर बीजेपी की ऐसी क्या मजबूरी है कि उन्हें अवैध खनन घोटाले के आरोपी को अपना सहयोगी बनाना पड़ रहा है.

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