Tuesday, January 13, 2026

Bharat bandh: शुक्रवार को किसानों का भारत बंद, सभी राजमार्गों को बंद करने की कोशिश करेंगे किसान, श्रमिक संगठन भी हैं साथ

किसान संघ संयुक्त किसान मोर्चा ने 16 फरवरी को भारत बंद का एलान किया है. ये बंद सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे के बीच ग्रामीण भारत में रहेगा. क्योंकि यह ग्रामीण इलाकों का बंद है इसलिए शहरों में इसका असर नहीं देखने को मिलेगा. बंद के चलते सभी कृषि गतिविधियां निलंबित रहेंगी. इसके साथ ही गांवों में दुकानें, बाज़ार और व्यवसाय बंद रहेंगे,
किसान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर की मुख्य सड़कों पर चक्का जाम करेंगे. जिसके चलते पूरे देश में परिवहन प्रभावित होने की संभावना है. पंजाब में राजमार्ग बंद रहेंगे क्योंकि सरकार विरोध का समर्थन कर रही है.

कौन कौन कर रहा है बंद का समर्थन

इस बंद को कई श्रमिक संगठनों का भी समर्थन है. इसके साथ ही लेफ्ट और कांग्रेस भी बंद के समर्थन में है. इस बंद में पंजाब-हरियाणा सीमा पर चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल किसान भी शामिल होंगे. हलांकि ये दोनों आंदोलन अलग-अलग संगठनों ने बुलाए है लेकिन क्योंकि ये दोनों ही किसानों की मांगो को लेकर है इसी लिए इन्हें एक ही माना जा सकता है.
2020-21 में अपने किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने तीन कानून तो रद्द कर दिए लेकिन इसके बाद किसान संगठन में बिखराव देखने को मिला. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने चलो दिल्ली विरोध का आह्वान किया है जबकि शुक्रवार का भारत बंद एसकेएम ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ किया है.

दोनों विरोध प्रदर्शनों की मांग एक ही है

हलांकि 13 तारीख से चलो दिल्ली आंदोलन और 16 फरवरी के भारत बंद की मांगे एक ही है. दोनों ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर सभी फसलों के लिए एमएसपी, खरीद की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं और के साथ ही स्मार्ट मीटर नहीं लाए जाने की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही दोनों गुट खेती, घरेलू उपयोग और दुकानों के लिए मुफ्त 300 यूनिट बिजली, व्यापक फसल बीमा और पेंशन में 10,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी करने की भी मांग कर रहे हैं.

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