मुंगेर (रिपोर्टर मनीष कुमार) के नेट्रोडेम एकेडमी स्कूल Munger Netrodem Academy में अचानक 20-22 बच्चों को दस्त और सांस लेने में शिकायत हुई जिससे पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया. सभी बच्चों को आनन फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया , फर्स्ट एड ट्रीटमेंट के बाद बच्चों की हीलत में सुधार आया, फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित है. 
Munger Netrodem Academy का क्या है पूरा मामला ?
मामला कासिम बाजार थाना क्षेत्र के सोझी गंगा घाट रोड पर बने नेट्रोडेम स्कूल का है. पता चला कि स्कूल में लगे बड़े बड़े पेड़ों में स्कूल प्रबंधन द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया. बच्चों के क्लास रुम की खिड़कियां पेडों से सटे हुए हैं. कीटनाशक के छिडकांव के बाद दवा की दुर्गंध से बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हुई और उसी दुर्गंध से बच्चों को उल्टी होने लगी. परिजनों को बच्चों के बारे में जानकरी मिली तो पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई. कई बच्चे बेहोश हो गये. आनन फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया . मामले की जानकरी मिलते ही बच्चो के परिजन स्कूल पहुंचे और स्कूल में अपने अपने बच्चो को ढूढ़ने लगे जिसके बाद अफरा तफरी का माहौल बन गया है. वही घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रसाशन सहित पुलिस प्रशासन और भाजपा विधायक प्रणव कुमार मौके पर पहुंचे.
18 बच्चों की तबियत बिगड़ी
घटना की जानकरी मिलने के बाद भाजपा विधायक प्रणव कुमार यादव सदर अस्तपताल पहुंचे और बच्चों से मुलाकात की जिसके बाद स्कूल पहुंचे और प्रबंधन से बात की . विधायक प्रणव यादव ने कहा की जानकारी ली जा रही है घटना कैसे हुई है और इतने बच्चों की तबीयत क्यों खराब हुई है. वही सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने कहा की दोपहर साढे 12 बजे घटना की जानकरी हुई थी कि कुछ बच्चे की तबियत खराब हुई है. जिसके बाद हम लोग स्कूल पहुंचे. उन्होंने कहा की लगभग 18 बच्चे की तबियत बिगड़ी थी. जिन्हें सदर अस्तपताल ले जाया गया. जहा सभी बच्चों को इलाज के बाद स्वस्थ होने के बाद घर भेज दिया गया. उन्होंने कहा की पेड़ो में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया था. जिसकी गंध से बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी थी.
कीटनाशक दवा का किया था छिड़काव
घटना के बाद नेट्रो डेम एकेडमी स्कूल के प्रिंसपल और प्रबंधक कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं. स्कूल की बात माने तो उनका कहना है कि स्कूल में लगे पेड़ में कीटनाशक की दवा छिड़काव के बाद गैस की बदबू से बच्चों की तबियत बिगड़ी. हलांकि सवाल ये उठता है कि ये साधारण लोगों को भी पता होता है कि ये कीट नाशक दवाइयां जहरीली होती हैं, और ये किसी भी व्यक्ति के लिए हानिकारक होती है. ऐसे में स्कूल प्रशासन का ये रवैया बेहद गैर दिम्मेदाराना है कि बच्चों के स्कूल में रहते हुए कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करके बच्चों के जीवन को जोखिल में डाला गया.

