पटना: पिछले कुछ दिनों से बिाहर के शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव केके पाठक KK Pathak का नाम का आतंक का पर्याय बन गया है यहा कारण है कि अब केके पाठक को उनके पद से हटाने की मांग उठ रही है. मंगलवार को पटना में राज्य के अलग अलग हिस्सों के 15 MLC इस मांग के साथ राजभवन पहुंचे कि के के पाठक को उनके पद से हटाया जाये. अर्जी लेकर पहुंचने वालों में जेडीयू,राजद, बीजेपी,सीपीआई, और कांग्रेस के एमएलसी शामिल थे.
KK Pathak पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप
15 MLC ने राज्यपाल से मुलाकात की और उनसे केके पाठक की शिकायत की.इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि केके पाठक मनमाने तरीके से काम करके शिक्षा जगत को नुकसान पहुंचा रहे है.इन लोगों ने राज्यपाल से केके पाठक को पद से हटाने की मांग की.बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की सख्ती का असर अक्सर देखने को मिलता है.पिछले साढ़े चार महीनों में उन्होंने बिहार में 15 हजार 105 टीचरों पर अलग-अलग कारणों से कार्रवाई की है.
केके पाठक ने कई टीचर्स को बर्खास्त किया
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की सख्ती में कई टीचर बर्खास्त भी किए जा चुके हैं और कई शिक्षकों के वेतन में कटौती भी की गई है.30 नवंबर को केके पाठक ने एमएलसी संजय सिंह की पेंशन रोकने की कार्रवाई की थी.पाठक ने आदेश दिया था कि सभी प्रोफेसरों को रोज कम से कम 5 क्लास लेनी होगी.उनके इस आदेश का संजय सिंह ने विरोध किया था.जिसके बाद उनके खिलाफे ये कार्रवाई की गई.
11 एमएलसी ने केके पाठक को पद से हटाने की मांग
राजभवन पहुंचे 15 विधान पार्षदों में से 11 एमएलसी सत्ता पक्ष के थे.केके पाठक की शिक्षकों पर कार्रवाई के चलते एमएलसी उनसे खफा हैं और इसी के चलते वे केके पाठक को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. इन लोगों ने एक साथ राज्यपाल से शिकायत करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र में संघ बनाने और विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रकट करने के अधिकार को समाप्त करना चाहते हैं.

