Friday, January 30, 2026

Bihar reservation bill: आरक्षण बढ़ाने के फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर, जेडीयू-आरजेडी बोली-बीजेपी हमेशा से आरक्षण के खिलाफ थी

पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को मौजूदा 50% से बढ़ाकर 65% करने के लिए बिहार विधानमंडल द्वारा पारित हालिया संशोधन को चुनौती देते हुए पटना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है.

याचिका में बिहार आरक्षण (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) (संशोधन) अधिनियम, 2023 और बिहार (शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश में) आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में फौरी तौर पर राहत देते हुए इन अधिनियमों पर रोक लगाने की मांग भी की है.
उच्च न्यायालय के एक सूत्र के अनुसार, याचिका सिविल सोसाइटी के सदस्यों द्वारा डाली गई है. साथ ही ये भी बताया गया कि, इस याचिका के बारे में याचिका की प्रति सूचीबद्ध करने से पहले महाधिवक्ता के कार्यालय को भेज दी गई है.

कहा बीजेपी हमेशा से आरक्षण के खिलाफ रही है-ललन सिंह

आरक्षण को मौजूदा 50% से बढ़ाकर 65% करने के बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर ललन सिंह ने कहा बीजेपी हमेशा से आरक्षण के खिलाफ रही है. वो जाति गणना के खिलाफ भी कोर्ट गई थी.

हमें शक था की बीजेपी आरक्षण को रोकने की कोशिश करेगी-आरजेडी

वहीं आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि हमें शक था कि बीजेपी आरक्षण को रोकने का काम करेगी लेकिन इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा.

फिलहाल बीजेपी की ओर से इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया है. आपको बता दें, बिहार में आरक्षण बढ़ाने के प्रस्ताव को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया गया था.

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