दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस IndiGo Airlines पर 8 यात्रियों ने फ्लाइट से जबरन उतारने का आरोप लगाया है. यात्रियों का कहना है कि इंडिगो के स्टाफ ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उन्हें बेवकूफ बनाया. उन्हें ऑप्शनल फ्लाइट में बैठाने की बात कह फ्लाइट के क्रू मेबर्स ने उन्हें जबरन डिबोर्ट करा दिया. यात्रियों का कहना है कि बाद में उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है, क्योंकि इंडिगो उन 8 यात्रियों के साथ उड़ान भरने को तैयार नहीं था. ये घटना बेंगलुरु से चेन्नई जा रही IndiGo की फ्लाइट में हुई. जिन लोगों ने ये आरोप लगाया है उसमें 2 बुजुर्ग भी शामिल है.
IndiGo Airlines के यात्रियों के साथ हुई बदसलूकी
यात्रियों ने एयरलाइन पर रात में ठहरने का इंतजाम नहीं करने का भी आरोप लगाया है. यात्रियों ने शिकायत की है कि रविवार रात चेन्नई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट से उतरने के बाद वे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर फंसे रह गए. ट्रांजिट यात्री अमृतसर-चेन्नई फ्लाइट 6E 478 में सवार थे. यात्रियों ने आरोप लगाया कि ग्राउंड स्टाफ ने ऑप्शनल उड़ान की बात कही और उन्हें फ्लाइट से उतार दिया. दरअसल फ्लाइट 6E 478 अमृतसर से बेंगलुरु होते हुए चेन्नई जा रही थी. इसमें 8 ट्रांजिट यात्री सवार थे. अमृतसर से आने वाली फ्लाइट में देरी के कारण ये यात्री बेंगलुरु एयरपोर्ट पर चेन्नई के लिए आगे की फ्लाइट में चढ़ने में असमर्थ थे.
इंडिगो ने आरोपों को किया खारिज
इंडिगो ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए बयान जारी किया है. एयरलाइन ने बयान में कहा, इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने यात्रियों से संपर्क करने में हर संभव कोशिश की, लेकिन समय की कमी के कारण वे फ्लाइट में चढ़ने में असमर्थ थे. इंडिगो ने यह भी कहा कि एयरलाइन ने सभी यात्रियों को होटल में रुकने का ऑफर दिया था. लेकिन उन सभी ने एयरपोर्ट के लाउंज में रुकने का ऑप्शन चुना. इंडिगो के बयान में कहा गया है कि इंडिगो स्टाफ ने यात्रियों को रात भर रहने की सुविधा और अगली पॉसिबल फ्लाइट में बुकिंग की पेशकश की थी, लेकिन कुछ यात्रियों ने एयरपोर्ट के लाउंज में रुकने का विकल्प चुना. इंडिगो ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हम तहे दिल से माफी मांगते हैं.