Thursday, February 26, 2026

New zealand क्रिकेट टीम ने सेमीफइनल में बनाई जगह ,सवालों में घिरा न्यूजीलैंड

New zealand
                                                                   New zealand

New Zealand क्रिकेट टीम ने गुरुवार को श्रीलंका टीम को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है लेकिन न्यूजीलैंड जीत के बाद वर्ल्ड कप के फॉर्मेट के सवालों में आ गया हैं. आपको बता दें कि न्यूजीलैंड वर्ल्ड कप में भारत ,पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों से हारने के बावजूद भी न्यूजीलैंड की टीम बेहतर नेट रन रेट की वजह से प्वाइंट्स टेबल में नंबर 4 पर फिनिश करने में कामयाब हुई.

New zealand मजबूत टीमों से हारने के बावजूद सेमीफइनल में

न्यूजीलैंड को सेमीफइनल में देखना आशचर्य वाली बात है क्यूंकि न्यूजीलैंड मजबूत टीमों से हारने के बाद भी सेमीफाइनल में पहुंच गयी. न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 9 विकेट से हराकर वर्ल्ड कप के अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड केवल उन्हीं टीमों को हराने में कामयाब रही जो कि रैंकिंग में उससे नीचे थीं. न्यूजीलैंड को हराने का सिलसिला भारत से हुई थी . न्यूजीलैंड को टीम इंडिया ने 274 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 4 विकेट से मात दी. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम न्यूजीलैंड को 5 रन के अंतर से मात देने में कामयाब रही. दक्षिण अफ्रीका ने तो न्यूजीलैंड को 190 रन से हराया था . यहां तक की टूर्नामेंट में बेहद खराब प्रदर्शन कर रही पाकिस्तान की टीम ने भी न्यूजीलैंड को मात दी.

सवालों के घेरे में New zealand

न्यूजीलैंड ने कमजोर टीमों को हराने के साथ साथ नेट रन रेट को बनाये रखा. न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नीदरलैंड्स और श्रीलंका को हराकर एक बड़ी जीत हासिल की. इस वजह से नीदरलैंड्स का नेट रन रेट काफी बढ़ गया. न्यूजीलैंड फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में 10 प्वाइंट्स लेकर चौथे पायदान पर है और उसका सेमीफाइनल में खेलना लगभग तय है.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की टीम भी अगर अपने आखिरी मुकाबले जीतने में कामयाब रही तो उनके भी पॉइंट्स न्यूजीलैंड के बराबर हो जाएंगे. लेकिन नेट रन रेट के मामले में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए न्यूजीलैंड को पछाड़ना नामुमकिन है. इसी वजह से सवाल उठ रहा है कि आखिर यह वर्ल्ड कप का कैसा फॉर्मेट है जिसमें कमजोर टीमों को मात देकर एक देश सेमीफाइनल में जगह बना लेता है, जबकि बड़ी टीमों को हराने और बराबर प्वाइंट हासिल करने के बावजूद एक टीम को टॉप 4 से बाहर रहना पड़ता है.

 

 

 

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