Sunday, June 28, 2026
Home Breaking News बिहार में शिक्षा विभाग का फिर से आया तुगलकी फरमान..दुर्गापूजा के दौरान...

बिहार में शिक्षा विभाग का फिर से आया तुगलकी फरमान..दुर्गापूजा के दौरान चलेगा शिक्षकों का ट्रेनिंग प्रोग्राम..

0
343
BIHAR EDUCATION MINISTER CHANDRA SHEKHAR AND CM NITISH KUMAR
BIHAR EDUCATION MINISTER CHANDRA SHEKHAR AND CM NITISH KUMAR

पटना : बिहार की नीतीश सरकार का शिक्षा मंत्रालय इन दिनों एक से बढकर एक आदेश दे रहा है. रक्षा बंधन की छुट्टी रद्द करने के बाद अब शिक्षा विभाग ने एक ऐसा आदेश दिया है जिससे लोगों का गुस्सा भड़क गया है.  विभाग ने  आदेश जारी किया है कि शिक्षा विभाग 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक  शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलायेगा. बिहार शिक्षा विभाग ने  गया के बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में शिक्षकों की आवासीय ट्रेनिंग शिड्यूल की है

सरकार के इस फरमान पर बीजेपी ने करारी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी ने  सरकार पर आरोप लगाया कि  सनातन धर्म को नीचा दिखाने और मुस्लिम तुष्टीकरण के लिये दुर्गा पूजा में शिक्षकों की ट्रेनिंग का फरमान जारी किया है.

बीजेपी नेता विजय सिन्हा ने इस आदेश पर कहा कि शिक्षा विभाग अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के काम कर रहा है.

भाजपा नेता विजय कुमार ने शिक्षा मंत्री पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि विभागीय खामियों को छुपाने के लिए लिए ये रोज नया नया प्रयोग कर रहे हैं. बिहार में आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ रही है.

सनातन धर्म विरोधी है सरकार – विजय सिन्हा, बीजेपी नेता

बीजेपी ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया है कि सनातन धर्म विरोधी वक्तव्यों औऱ धर्म ग्रन्थों की लगातार निंदा के बाद से ही स्पष्ट हो गया था कि ये सरकार वोट के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण के एजेंडा पर काम कर रही है,लेकिन अब सनातन के सन्तानों को तुगलकी फरमानों के जरिए नीचा दिखाने की इनकी नीयत खतरनाक औऱ अलोकतांत्रिक है. राज्य की जनता अवगत है कि रक्षाबंधन त्योहार के समय विद्यालयों की छुट्टी रद्द कर दी गई थी.

सिन्हा ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक एक कर विद्यालय दम तोड़ रहे हैं, भवन, कमरा, शौचालय, प्रयोगशाला, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी, चारदीवारी, पीने का पानी, उपकरण, पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाएं विद्यालयों में उपलब्ध नहीं है. सभी जगहों में अधिकांश में कमियां मौजूद हैं.

स्कूलों में कंप्यूटर खरीदारी में लिये कमीशन- विजय सिन्हा,बीजेपी नेता

विजय सिन्हा ने आरोप लगया कि सरकार मे बैठे लोग कमीशनखोरी के लिए   कंप्यूटर आदि तो खरीद लिये लेकिन इन उपकरणों को चलाने के लिए ना तो उपयुक्त कमरा है और ना ही बिजली की व्यवस्था .  महालेखाकार ने भी  अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन विद्यालयों के लिए भी कंप्यूटर खरीद की गई, जहाँ बिजली कनेक्शन नहीं है. बिहार की शिक्षा विभाग की बदहाली के चर्चे पूरे देश में हो रही हैं. छात्र बुनियादी सुविधाओं औऱ गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिये राज्य के बाहर पलायन कर रहें हैं.

 ‘शिक्षा विभाग में उपर से नीचे तक भ्रष्टाचार’- विजय सिन्हा, बीजेपी नेता

विधान मंडल के नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य में विद्यालयों के लिए कंप्यूटर खरीद में भ्रष्टाचार औऱ घोटाला सुनियोजित ढंग से चलाया जा रहा है. पहले कंप्यूटर की खरीद की जाती है, फिर कुछ महीनों के बाद इसे स्क्रैप घोषित कर नीलामी की कार्रवाई में डाल दिया जाता है. हाल ही में निरीक्षण में लखीसराय में यह मामला प्रकाश में आया है. चर्चा है कि इसमें खरीद से स्क्रैप नीलामी तक एनआईसी की भी संलिप्तता है. वे जबरन खरीद कर बिना मांगे प्रधानाध्यापकों के मत्थे मढ़ देते हैं. लोगों में चर्चा के अनुसार यह घोटाला पूरे बिहार में हो रहा है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एक ईमानदार पदाधिकारी हैं . लोगों की उनसे अपेक्षा है कि वे कंप्यूटर खरीद औऱ स्क्रेप में देने के खेल में शामिल भ्रष्टाचारियों की पहचान कर उन्हें दण्डित करेंगे.

 शिक्षक संघ भी कर रहा है विरोध

शिक्षक संगठनों ने भी इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का विरोध किया है. शिक्षक संगठनों का कहन है कि नवरात्रों के दौरान अधिकांश लोग व्रत रखते हैं, इनमें शिक्षक भी शामिल होते हैं. ऐसे में आवासीय टीचर ट्रेनिंग करना शिक्षको के लिए काफी मुश्किल होगा. इसलिए फिलहाल टीचर ट्रेनिंग के आदेश में बदलाव की जरुरत है, इसे रिशिड्यूल किया जाना चाहिये. टीचर्स एसोसियेशन का कहना है कि ये ट्रेनिंग प्रोग्राम अगस्त के महीने मे होने वाली थी लेकिन जातीय जनगणना के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था तो फिर त्योहार के बीच में अचानक इसकी क्यों जरुरत पड़ गई है..