Sukhpal Singh Khaira: पुराने ड्रग्स मामले में कांग्रेस MLA गिरफ्तार, कांग्रेस ने कहा-राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है

गुरुवार सुबह पंजाब पुलिस ने कांग्रेस नेता और विधायक सुखपाल सिंह खैरा को उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी तब हुई जब एसपी मंजीत सिंह और डीएसपी एआर शर्मा के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने सुबह करीब 6:30 बजे उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर छापा मारा.

गिरफ्तारी के दौरान खैरा ने किया फेसबुक लाइव

भोलाथ से विधायक खैरा छापेमारी के दौरान फेसबुक पर लाइव हुए जहां उन्हें पुलिस के साथ बहस करते और वारंट मांगते देखा जा सकता है. जबकि पुलिस को उनसे यह कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्हें एक पुराने एनडीपीएस मामले में एक डीआइजी रैंक के अधिकारी और दो एसएसपी के नेतृत्व वाली एसआईटी द्वारा की गई जांच की सिफारिश पर गिरफ्तार किया जा रहा है, विधायक ने दावा किया कि मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था.
पुलिस को खैरा के बेटे महताब खैरा से यह कहते हुए भी देखा जा सकता है कि विधायक को जलालाबाद पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है.

गिरफ्तारी से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष

इस बीच, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिन्दर सिंह राजा वारिंग ने खैरा की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा और इसे ”राजनीतिक प्रतिशोध” की कार्रवाई बताया. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “@INCPunjab विधायक @SkhpalKhaira जी की हालिया गिरफ्तारी से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है, यह विपक्ष को डराने का एक प्रयास है और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए @AAPPunjab सरकार की एक चाल है. हम सुखपाल खैरा के साथ दृढ़ता से खड़े हैं और इस लड़ाई को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे, ”

अब उचित न्यायिक जांच होगी- AAP सांसद सुशील गुप्ता

वहीं सुखपाल खैरा की गिरफ्तारी पर AAP सांसद सुशील गुप्ता ने कहा, “कानून अपना रास्ता लेगा। सर्वविदित है कि सुखपाल खैरा जी नशे के कारोबार में लिप्त थे पहले की सरकारों से उन्हें संरक्षण मिलता रहा। अब उचित न्यायिक जांच होगी.”

क्या है ड्रग्स मामला?
मार्च 2015 में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी. मामले में मुकदमा चला और 2017 में नौ लोगों को दोषी ठहराया गया. पुलिस को इन लोगों के पास से से दो किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद हुए थे. इसक मामले में जांच के दौरान खैरा का नाम अतिरिक्त आरोपी के तौर पर सामने आया.
2021 में, खैरा – जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के मुखर आलोचक रहे हैं – को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसी एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसमें उन्होंने आज (28 सितंबर) गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, 2022 में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी.
इतना ही नहीं, 16 फरवरी, 2023 को जस्टिस बीआर गवई और विक्रम नाथ की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया था.

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