Prashant Kishor: प्रशांत किशोर और माझी का नीतीश पर तंज- “नीतीश कुमार के पास कुछ नहीं है- ना दल है, ना छवि है.”

सोमवार 27 अगस्त को इंडिया गठबंधन का संयोजक नहीं बनने का बयान देने के बाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षियों के निशाने पर है. एक तरफ जहां हम पार्टी के मुखिया जितन राम माझी ने नीतीश पर ये कहकर निशाना साधा है कि उनकी न में हां है. “उन्हें (बिहार के सीएम-जेडीयू नेता नीतीश कुमार) बेंगलुरु में एक स्पष्ट रास्ता दिखाया गया था. इसलिए, वह वापस आ गए थे. देखते हैं मुंबई में क्या होता है…नीतीश कुमार कहते हैं कि वह महत्वाकांक्षी नहीं हैं.” …ना में हां है ये। जहां तक (बिहार के मंत्री) श्रवण कुमार का सवाल है, अगर वह कुछ कह रहे हैं, तो मान लीजिए कि यह नीतीश कुमार कह रहे हैं…अगर उनकी (प्रधानमंत्री बनने की) इच्छा नहीं थी , वह इतना क्यों घूमा होगा?…”

नीतीश कुमार के पास कुछ नहीं है- ना दल है, ना छवि है-प्रशांत किशोर

वहीं राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने नीतीश पर तंज सकते हुए कहा कि, “जहां तक नीतीश कुमार की कोशिशों की बात है तो उनकी खुद की हालत इतनी खराब है कि उनके अपने ही राज्य में पैर जमाने की कोई गारंटी नहीं है. राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिए वह क्या कर सकते हैं? यदि आप क्रम को देखें तो सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस है, टीएमसी है, उसके बाद डीएमके आती है- उन्होंने अपना पूरा राज्य जीता है और उनके पास 20-25 सांसद हैं. वे अपना राज्य जीतने का दावा कर सकते हैं. नीतीश कुमार के पास कुछ नहीं है- ना दल है, ना छवि है. उन्हें किस आधार पर (INDIA का संयोजक) बनाया जा सकता है?”

बिना किसी परेशानी के नेता चुनकर बता देंगे-विजय कुमार चौधरी

विरोधी चाहे जो कहे नीतीश कुमार की पार्टी सिर्फ इतना कह रही है कि वक्त आने पर सब साफ हो जाएगा. बिहार के मंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि “हमने बार-बार कहा है कि चाहे संयोजक की बात हो या नेता की, सभी निर्णय समय पर लिए जाएंगे और आपको बताया जाएगा… चुनाव में हमें बहुमत दीजिए, बिना किसी परेशानी के नेता चुनकर बता देंगे.”


यानी सूत न कपास जुलाहों में लट्ठम लट्ठा, इंडिया गठबंधन के नेता को लेकर ऐसी ही कुछ स्थिति विपक्षी एनडीए देखना चाहता है. इसलिए इंडिया की हर बैठक से पहले नीतीश कुमार के सभी संयोजक को कभी विपक्ष के नेता घोषित किए जाने की चर्चा ज़ोर पकड़ लेती है. शायद ये ही वजह है कि अब नीतीश कुमार कहने लगे है कि वो कुछ नहीं बनना चाहते, बस सबको एकजुट करने की कोशिश में लगे हैं.

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