Saturday, November 29, 2025

महंगाई की एक और मार, मोदी सरकार ने पास किया नया Electricity Tariff नियम ,रात में एसी कूलर चलाना पड़ेगा महंगा

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दिल्ली : महंगाई से परेशान लोगों के लिए एक और बुरी खबर है.सरकार ने बिजली की नई दर लागू कर दी है. नया Electricity Tariff अप्रैल 2024 से लागू होगा. वैसे तो सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलेगी लेकिन हकीकत कुछ और है.

नए Electricity Tariff में बिजली होगी महंगी

नए Electricity Tariff के मुताबिक अगर उपभोक्ता गर्मी की रात में कूलर या एसी चलाएगा तो उसे ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा. Electricity Tariff के अनुसार दिन में बिजली की खपत करने पर बिल कम आएगा. हकीकत ये है कि ज्यादातर उपभोक्ता दिन के समय काम करने या काम की तलाश में घर से बाहर रहते हैं. दिन में वो घर पर कम ही रहते हैं लिहाजा कम ही बिजली खपत करते हैं. बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत रात को होती है उस वक्त बिजली का टैरिफ बढ़ा दिया गया है.

पीक आवर में 20 प्रतिशत महंगी होगी

नया Electricity Tariff में दिन के वक्त मौजूदा रेट से 20 प्रतिशत कम रेट पर बिजली मिलेगी लेकिन रात में और पीक टाइम में बिजली की दर मौजूदा रेट से 20 प्रतिशत तक ज्यादा होगी. सरकार का तर्क है कि दिन के वक्त उपभोक्ता बिजली बिल में 20 प्रतिशत तक की बचत कर सकते हैं लेकिन सच्चाई ये है कि बिजली की ज्यादा खपत रात में ही होती है.ऐसे में पैसों की बचत तो नहीं होगी लेकिन महंगाई की मार जरूर बढ़ेगी. क्योंकि रात में एक परिवार में लाइट,फैन,एसी-कूलर सब एक साथ चलता है.

अभी इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूनिट पर लागू

वैसे एक राहत की बात ये है कि नया Electricity Tariff सिस्टम अभी केवल इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूनिट पर  ही लागू होगा. बाद में इसे कृषि क्षेत्र को छोड़ कर सब पर लागू कर दिया जाएगा. लेकिन अगर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूनिट पर भी लागू होता है तो यहां तैयार होने वाले सामान की उत्पादन लागत बढ़ेगी जिससे ग्राहकों को सामान महंगा मिलेगा. इससे महंगाई बढ़ने के आसार हैं.

बाद में पूरे देश में होगा लागू

बिजली मंत्रालय का मानना है कि जब ये Electricity Tariff आम उपभोक्ताओं पर लागू होगा तो उनका बिजली बिल कम हो जाएगा. इसके लिए पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. उन मीटर के हिसाब से ही बिल आएंगे.

Cable Operators Bill के साथ भी ऐसा ही हुआ था

आपको बता दें कि ठीक ऐसा ही कानून सरकार ने cable tv उपभोक्ताओं के लिए लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इससे उपभोक्ता केवल अपने पसंद का चैनल देख सकेंगे. उन्हें फालतू के चैनल देखने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. इससे उनके केबल या सेट टॉप बॉक्स रिचार्ज के बिल कम हो जाएंगे. लेकिन हुआ ठीक उलटा. चैनल्स देखने के बिल घटने के बजाय बढ़ गए. ऐसा ही इस Electricity Tariff के साथ होने जा रहा है. सरकार जो तर्क दे रही है शायद वो तर्क बिल लागू होने के बाद धाराशायी हो सकता है.

 

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