Thursday, January 22, 2026

Brij Bhushan Singh: बृजभूषण की पहलवानों को चुनौती, कहा-”गंगा में मेडल बहाने से नहीं न्यायालय में सबूत देने से होगी मुझे फांसी”

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के हौसले बुलंद है. दिल्ली पुलिस से क्लीन चिट मिलने और पॉक्सो एक्ट हटने की संभावनाओं की खबर के बीच बाराबंकी में बृज भूषण शरण सिंह ने फिर पहलवानों को चुनौती दी है. बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि, “मैंने कहा था कि अगर एक भी आरोप मेरे ऊपर साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फांसी पर लटक जाऊंगा. आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं. 4 महीने हो गए वो मेरी फांसी चाहते हैं लेकिन सरकार मुझे फांसी नहीं दे रही है तो वो (पहलवान) अपना मेडल लेकर गंगा में बहाने जा रहे हैं. मुझ पर आरोप लगाने वालों गंगा में मेडल बहाने से बृज भूषण को फांसी नहीं मिलेगी. अगर तुम्हारे पास सबूत है तो न्यायालय को दो और न्यायालय मुझे फांसी देगा तो मुझे वो स्वीकार है.”

नाबालिग लड़की की पहचान उजागर होने पर DCW का डीसीपी को नोटिस

उधर बृज भूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने से स्वाति मालीवाल काफी नाराज़ है. स्वाती मालिवाल ने इस मामले में एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि वो डीसीपी, नई दिल्ली को समन जारी किया है.

दरअसल, कुछ दिनों पहले एक शख्स ने खुद को नाबालिग लड़की का चाचा बताकर उससे जुड़े कागजात प्रेस के सामने रखे थे. इसमें उस शख्स ने दावा किया था कि आरोप लगाने वाली लड़की नाबालिग नहीं है. स्वाती ने अपने ट्वीट में लिखा, “एक आदमी खुद को Brij Bhushan के खिलाफ शिकायत देने वाली नाबालिग बच्ची का चाचा बता, उसके काग़ज़ात प्रेस में दिखा लड़की की पहचान उजागर कर रहा है. पुलिस को नोटिस कर रही हूं, इस आदमी के खिलाफ POCSO में FIR हो. क्या इसलिए ही ब्रिज भूषण को छोड़ा हुआ है जिससे पीड़िता पे दबाव बन सके?”


आपको बता दें, बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में दो एफआईआर दर्ज है. एक एफआईआर नाबालिग से यौन शोषण को लेकर है, जिसमें पॉक्सो एक्ट लगाया गया है जबकि दूसरी एफआईआर अन्य पहलवानों की शिकायत पर दर्ज की गई है.

ये भी पढ़ें- Clean chit to Brij Bhushan Singh: एएनआई की दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से खबर, “नहीं मिले बृज भूषण के खिलाफ सबूत”

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