Thursday, January 22, 2026

Demonetization: 2000 के नोटों पर मची हड़कंप के बीच रिजर्व बैंक के गवर्नर का बयान, 4 महीने का समय है-जल्दबाजी की जरूरत नहीं

2000 के नोटों के चलन के बाहर होने के मची अफरा-तफरी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मीडिया में बयान देकर लोगों से जल्दबाजी नहीं करने और आराम से नोट बदलने की अपील की है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ये एक सामान्य प्रक्रिया है इसे लेकर चिंता न करें, “मैं स्पष्ट करता हूं कि यह रिजर्व बैंक के मुद्रा प्रबंधन संचालन का एक हिस्सा है. समय-समय पर आरबीआई नोटों को वापस लेता है और नए नोट जारी करता है. हम 2000 रुपये के नोटों को संचलन से वापस ले रहे हैं लेकिन वे कानूनी निविदा के रूप में जारी हैं.”
इसके साथ ही गवर्नर ने ये बी कहा कि, “4 महीने का समय दिया गया है कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है इसलिए आप आराम से बैंक जाए और 2000 रुपए बदले. चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.”

रिजर्व बैंक ने इस संबंध में एक पत्र भी जारी किया है

इससे पहले रिजर्व बैंक ने 2000 के नोटों को बदलने को लेकर एक पत्र भी जारी किया है. इस पत्र में आम जनता को काउंटर पर 2000 रुपये के नोट बदलने की सुविधा सामान्य तरीके से प्रदान किए जाने, बैंकों को इस सुविधा को लेकर इंतजाम करने जैसे निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही इसमें ये भी आम लोगों को बताया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक 23 मई से किसी भी बैंक में एक समय में 2000 रुपये के नोटों को अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोटों में बदलने की सीमा 20,000 रुपये तक की जा सकती है.

आपको बता दें, 19 मई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2 हजार के नोट को लेकर बड़ा ऐलान किया था. RBI ने 2 हजार के नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने का फैसला लिया है. दो हजार का नोट फिलहाल लीगल टेंडर तो रहेगा लेकिन सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जायेगा. आरबीआई ने यह भी बताया था कि यह नोट 30 सितंबर तक बैंकों में वापस लिए जा सकेंगे.

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