AI और ब्लैकमेलिंग का हाई-प्रोफाइल मामला, दीपक टंडन की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

रायपुर। डिजिटल और तकनीक के इस आधुनिक युग में साइबर अपराधों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस ने एक ऐसे ही हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) यानी एआई तकनीक का दुरुपयोग करके किसी व्यक्ति की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करने और फिर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक खबरें प्रसारित कर ब्लैकमेल करने के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे प्रकरण में संलिप्त एक निजी पोर्टल के संचालक दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन को सिरगिट्टी पुलिस ने राजधानी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, यह आरोपी पूर्व में भी अपनी संलिप्तता के चलते राज्य के एक बड़े पुलिसिया विवाद के कारण खासी सुर्खियों में रह चुका है।

एआई तकनीक के जरिए ब्लैकमेलिंग और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के तिफरा स्थित महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने गत 29 अक्टूबर 2026 को सिरगिट्टी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी का आरोप था कि आरोपी दीपक टंडन ने एआई तकनीक का सहारा लेते हुए उनकी तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक छेड़छाड़ की और फिर विभिन्न सोशल मीडिया मंचों एवं अपने पोर्टल पर भ्रामक व अपमानजनक खबरें प्रकाशित कर दीं। इस कुकृत्य का मुख्य उद्देश्य पीड़ित की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेس पहुंचाना और उसे ब्लैकमेल करना था। मामले की गंभीरता को पूरी तरह भांपते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ टोन्ही प्रताड़ना निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। इसके पश्चात रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा गया, जिसके पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं जिनमें कई आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो सामग्रियां मौजूद हैं।

चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा प्रकरण से जुड़ा रहा है पुराना नाता

इस पूरी गिरफ्तारी और कार्रवाई का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि आरोपी दीपक टंडन का नाता छत्तीसगढ़ के उस बहुचर्चित विवाद से रहा है जिसने कुछ समय पूर्व प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भारी भूचाल ला दिया था। यही वह शख्स है जिसने पूर्व में छत्तीसगढ़ की चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। उस दौरान दीपक टंडन और बरखा टंडन ने रायपुर के खमतराई थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 से डीएसपी कल्पना वर्मा ने उन्हें तथाकथित प्रेम प्रपंच में उलझाकर लगभग ढाई करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी कार, हीरों कीमती अंगूठी और सोने के आभूषण ऐंठे थे।

जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक स्तर पर की गई बड़ी कार्रवाई

तत्कालीन समय में जब इस बहुचर्चित मामले की प्रशासनिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई, तो लगभग 1475 पृष्ठों की एक विस्फोटक और सनसनीखेज जांच रिपोर्ट सामने आई थी। इस विस्तृत जांच के दौरान पुलिस विभाग और एक प्रमुख व्यवसायी के मध्य व्हाट्सएप चैट के माध्यम से अत्यंत गोपनीय एवं संवेदनशील शासकीय जानकारियां लीक होने के गंभीर तथ्य उजागर हुए थे। इस खुलासे के तुरंत बाद राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी डीएसपी कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। अब एक बार फिर इसी विवादित चेहरे की नए मामले में गिरफ्तारी होने के बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

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