नागपुर। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच विलय की चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए एनसीपी (एसपी) नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने साफ कर दिया है कि दोनों धड़ों के एक होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई अन्य नेता उनकी पार्टी में शामिल होना चाहता है, तो उनका स्वागत है।
सुनील तटकरे के दावे पर पलटवार
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल देशमुख ने सत्ताधारी एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के उस हालिया दावे का कड़ा विरोध किया, जिसमें तटकरे ने कहा था कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो इसी साल फरवरी में दोनों गुटों का विलय हो गया होता। देशमुख ने तटकरे के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि जब अजित पवार जीवित थे, तभी यह तय हो चुका था कि एनसीपी भाजपा नीत सरकार का साथ छोड़कर दोबारा एक हो जाएगी।
अजित पवार के निधन के बाद बदले सुर
पूर्व गृह मंत्री ने आगे कहा कि इस साल 28 जनवरी को पुणे के बारामती में हुए एक विमान हादसे में अजित पवार के अचानक निधन के बाद सुनील तटकरे ने कहा था कि तत्कालीन अध्यक्ष ने विलय को लेकर पार्टी नेताओं को कुछ नहीं बताया था। देशमुख ने सवाल उठाया कि जब पहले ऐसा बयान दिया गया था, तो अब इस तरह के दावे क्यों किए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान परिस्थितियों में दोनों धड़ों के विलय की कोई गुंजाइश नहीं है।

