Wednesday, January 14, 2026

Bageshwar Baba: बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव भूले मर्यादा, जानिए क्यों धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम को बताया शर्मनाक

12 मई को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री बिहार आने वाले हैं. बाबा 13 से 17 मई तक पटना शहर में श्री हनुमंत कथा सुनाने वाले है. उनका कार्यक्रम पटना शहर से बाहर नौबतपुर में होगा. धीरेंद्र शास्त्री के पटना पहुंचने से पहले ही उनको लेकर सियासी शुरु हो गई है.

बागेश्वर बाबा के दरबार में जाने से महिलाओं के कपड़े खुल जाते हैं- सहकारिता मंत्री

बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव के बाद बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को लेकर एक विवादित बयान दे डाला है. सुरेंद्र प्रसाद यादव ने महिलाओं के प्रति विवादित बयान देते हुए कहा कि बागेश्वर बाबा के दरबार में जाने से महिलाओं के कपड़े खुल जाते हैं. सहकारिता मंत्री डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव के इस बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

 

तेज प्रताप यादव ने बाबा को दी थी धमकी

आपको बता दें रविवार 30 अप्रैल को बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की. इस पोस्ट में तेजप्रताप यादव अपने समर्थकों को ट्रेनिंग देते नज़र आ रहे हैं. ट्विटर पर जारी तस्वीरों के साथ तेजप्रताप यादव ने लिखा है- “धर्म को टुकड़ों में बाटने वालों को करारा जवाब मिलेगा. तैयारी पूरी है…हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में है भाई-भाई….”
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने कड़े शब्दों में बाबा को चेतावनी भी दी थी. तेजप्रताप ने कहा कि अगर धीरेंद्र शास्त्री बिहार में एकता की बात करेंगे तो उनका स्वागत करेंगे लेकिन यहां आकर अगर वो हिंदू-मुस्लिम को बांटने की बात करेंगे तो फिर उनकी खैर नहीं.

धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में कृष्ण सिंह कल्लू ने लगाए थे पोस्टर

तेज प्रताप यादव की धमकी के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व नेता और समाजसेवी कृष्ण सिंह कल्लू ने पटना में बाबा के समर्थन में पोस्टर लगाया थे. पोस्टर में जहां धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया गया है वहीं बाबा के दौरे का विरोध करने वाले को पाकिस्तान चले जाने की नसीहत भी दी गई है. पोस्टर में कहा गया है कि बाबा का विरोध करने वालों को इस्लाम कबूल कर लेना चाहिए. पोस्टर में तेज प्रताप यादव को सीधे चैलेंज कर ये भी लिखा था कि रोक सको तो रोक लो.

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