किम जोंग उन के देश का नया मिसाइल परीक्षण, वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

प्योंगयांग। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और वैश्विक चेतावनियों को दरकिनार करते हुए उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी घातक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। देश ने एक नई सामरिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जो 90 डिग्री के सीधे कोण पर नीचे गिरकर भूमिगत बंकरों और सामरिक ठिकानों को पलभर में नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है। इस आधुनिक तकनीक और इसके विनाशकारी वारहेड के सामने आने से पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों की नींद उड़ गई है।

90 डिग्री वर्टिकल स्ट्राइक और विध्वंसक वारहेड

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन द्वारा किए गए इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिसाइल की 'वर्टिकल स्ट्राइक' यानी लंबवत हमले की क्षमता को परखना था। आमतौर पर क्रूज मिसाइलें लक्ष्य के समानांतर उड़ान भरती हैं, लेकिन यह नई तकनीक मिसाइल को लक्ष्य के ठीक ऊपर पहुंचकर 90 डिग्री के कोण में मोड़ने और सीधे नीचे गिराने में सक्षम बनाती है। इससे गुरुत्वाकर्षण बल का लाभ मिलने के कारण मिसाइल की गति और प्रहार करने की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। इसके साथ ही, इसमें 'डिस्पर्सल वॉरहेड' का इस्तेमाल किया गया है, जो हवा में ही फटकर छोटे-छोटे बमों को लगभग 12 से 15 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैलाकर सब कुछ तबाह कर सकता है।

पहाड़ों के भीतर बने बंकरों को भेदने की रणनीति

सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने इस तकनीक को विशेष रूप से दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना द्वारा पहाड़ों के भीतर और जमीन की गहराइयों में बनाए गए सुरक्षित कमांड सेंटर्स और बंकरों को ध्वस्त करने के लिए विकसित किया है। ऐसी वर्टिकल स्ट्राइक मिसाइलें कंक्रीट की छतों और पहाड़ी चट्टानों को चीरते हुए सीधे भीतर प्रवेश कर सकती हैं।

दक्षिण कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया

इस खतरनाक परीक्षण के तुरंत बाद दक्षिण कोरियाई सेना को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी संभावित उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। साथ ही, यह भी दावा किया गया है कि दक्षिण कोरिया के पास इस तकनीक से कहीं अधिक उन्नत और सटीक मिसाइल प्रणाली पहले से मौजूद है, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

Latest news

Related news