युवा कांग्रेस में बड़ा एक्शन, रैली से गायब 60 पदाधिकारियों पर कार्रवाई

भोपाल। दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की 'वोट चोरी' रैली से दूरी बनाना मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। संगठनात्मक अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश युवा कांग्रेस ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस कड़ी कार्रवाई के तहत सभी प्रभावित पदाधिकारियों को आगामी आदेश तक उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है।

अनुशासनहीनता पर सख्त कदम

संगठन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली में हुए कार्यक्रम में गैरमौजूदगी को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है। इसी आधार पर केंद्रीय नेतृत्व से मिले स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है। निलंबित किए गए कुल 60 नेताओं में नौ जिलाध्यक्षों के साथ-साथ पांच प्रदेश उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं।

उपाध्यक्षों और महासचिवों पर भी गिरी गाज

पदों से हटाए गए प्रमुख नेताओं में उपाध्यक्ष शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल शामिल हैं। इसके अलावा महासचिव पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे रोहित राजोरिया, अब्दुल करीम कुरैशी, विनय पांडे और राहुल हितेश ठाकुर समेत 14 महासचिवों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। इसी क्रम में रैली से अनुपस्थित रहने वाले 32 सचिवों को भी तुरंत प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।

नौ जिलों के अध्यक्ष भी निलंबित

रैली में शामिल न होने के कारण नौ जिला अध्यक्षों की छुट्टी कर दी गई है। इनमें मैहर से सौरभ शर्मा, आगर से पृथ्वीराज चौहान, नीमच से मनमोहन शक्तावत, बुरहानपुर से अर्जुन जंगले, अनूपपुर से मनवेंद्र मिश्रा, गुना से पंचम भील, बड़वानी से आदित्य गोयल, छतरपुर से मनवेंद्र सिंह परमार और भिंड से मनीष पुरोहित के नाम शामिल हैं। संगठन के इस सख्त रवैये से पार्टी कैडर में हड़कंप मच गया है।

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