जांजगीर। जिले के साइबर अपराध थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रकाश में आए बत्तीस लाख रुपये की भारी-भरकम डिजिटल अरेस्ट ठगी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। इस पूरे बहुचर्चित ठगी प्रकरण में पुलिस द्वारा पूर्व में ही पंजाब राज्य से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वरिष्ठ नागरिकों को अपनी ठगी का निशाना बनाते हुए कानून का खौफ दिखाकर करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन का झांसा दिया था और इस कार्रवाई के बाद से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
डिजिटल अरेस्ट का षड्यंत्र और ठगी की वारदात
पुलिस से प्राप्त विस्तृत जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निवासी तुषारकर देवांगन द्वारा साइबर थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी कि शातिर साइबर ठगों ने खुद को दूरसंचार प्राधिकरण (टेलीकॉम अथॉरिटी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर उन्हें गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का खुला डर दिखाया था। ठगों ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उनके मोबाइल नंबर का उपयोग अवैध वित्तीय गतिविधियों में किया गया है और उनके विरुद्ध मुम्बई के कोलाबा थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुका है। इसके उपरांत, आरोपियों ने उन्हें वीडियो कॉल के जरिए तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया और डरा-धमकाकर पुलिस से मामला रफा-दफा कराने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में बत्तीस लाख रुपये की ठगी की राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। कुछ समय बीतने के बाद जब सभी संदिग्ध मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गए, तब पीड़ित को अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस की शरण ली, जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर गहन जांच शुरू कर दी।
तकनीकी सर्विलांस और इंदौर से आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना कर रही पुलिस टीम ने उन तमाम बैंक खातों का वित्तीय विश्लेषण किया जिनमें ठगी की अवैध रकम ट्रांसफर की गई थी। तकनीकी जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ठगी गई अधिकांश राशि स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों में भेजी गई थी। पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर जांजगीर पुलिस का एक विशेष दल मध्य प्रदेश के इंदौर शहर रवाना हुआ, जहाँ से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और स्वीकार किया कि उनके बैंक खातों में ठगी की रकम प्राप्त हुई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर धोखाधड़ी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज गवाहों के समक्ष विधिवत जब्त कर लिए हैं, तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायಾಲय के समक्ष पेश कर दिया गया है।

