पुणे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पुणे मेट्रो की बहुप्रतीक्षित लाइन-3 का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुबह 10:30 बजे औपचारिक उद्घाटन करेंगे। मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक विस्तृत यह नया मेट्रो कॉरिडोर शहर के प्रमुख आईटी हब को व्यापारिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से सीधे जोड़ेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों की आवाजाही बेहद सुगम और सुलभ हो जाएगी। हालांकि, आम यात्रियों के लिए इस मेट्रो रूट पर नियमित सेवाएं चार नवंबर को प्रातः छह बजे से विधिवत प्रारंभ कर दी जाएंगी।
महालुंगे-बालेवाड़ी में मुख्य समारोह और प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन महालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बैडमिंटन हॉल में आयोजित किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा अजीत पवार मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहेंगे। प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
23 किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर और गुलाबी मेट्रो की सौगात
पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमआरडीए) के आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि यह लाइन-3 पूरी तरह से एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर निर्मित 23.203 किलोमीटर लंबा विशाल मेट्रो कॉरिडोर है। जनसामान्य के बीच 'पुणेरी मेट्रो' तथा 'पिंक लाइन' के नाम से लोकप्रिय यह मेट्रो रूट मान क्षेत्र से प्रारंभ होकर हिंजवडी स्थित राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से गुजरते हुए सीधे शिवाजीनगर तक पहुंचेगा।
पीपीपी मॉडल के तहत 8,313 करोड़ रुपये का भारी निवेश
इस महत्वाकांक्षी अवसंरचनात्मक परियोजना का निर्माण कुल 8,313 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूर्ण किया गया है, जिसमें भूमि अधिग्रहण एवं बुनियादी उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण पर हुआ व्यय भी समाहित है। इस परियोजना को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति-2017 के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के अंतर्गत साकार किया गया है।
प्रारंभिक चरण में 17 स्टेशनों पर मिलेगी यात्री सुविधाएं
संपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर पर कुल 23 अत्याधुनिक स्टेशनों का निर्माण किया गया है, जिनमें से शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों को यात्रियों की आवाजाही के लिए खोला जा रहा है। इनमें से सात स्टेशनों पर शुरुआत में एक-एक सीढ़ी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को मेट्रो से उतरने के पश्चात बस या अन्य स्थानीय साधनों से आगे की यात्रा तय करने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए विशेष रूप से मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
यातायात जाम से राहत, चौड़े फुटपाथ और साइकिल ट्रैक का निर्माण
मेट्रो नेटवर्क के साथ-साथ सड़क यातायात को व्यवस्थित बनाने और पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक कदम उठाए गए हैं। इसके अंतर्गत पृथक साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। पीएमआरडीए आयुक्त के अनुसार, इस मेट्रो लाइन के परिचालन से विशेषकर हिंजवडी क्षेत्र में वर्षों से बनी भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

