नई दिल्ली। दिल्ली में अचानक बदले मौसम के मिजाज और तेज बारिश के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्तावित 'सार्वजनिक महाभियोग' कार्यक्रम फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आधिकारिक आवास पर आयोजित करने की तैयारी थी। विपक्षी दल इस मंच के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वोट चोरी जैसे गंभीर विषयों पर केंद्र सरकार व चुनाव आयोग को घेरने की रणनीति बना रहे थे। शुरुआत में इसके लिए तालकटोरा स्टेडियम या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जैसे बड़े स्थलों की मांग की गई थी, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण अंततः खरगे के निवास को ही सभा स्थल तय किया गया।
31 अक्टूबर को हो सकता है आयोजन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब यह जन महाभियोग कार्यक्रम 31 अक्टूबर को आयोजित किया जा सकता है। यह नई तिथि रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी गठबंधन की विशाल महारैली से ठीक एक दिन पहले की रखी गई है। इस पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित तैयारी बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक व अवधेश प्रसाद और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास सहित इंडिया ब्लॉक के तमाम शीर्ष नेता मौजूद रहे।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिक समाज से जुड़ने की अपील
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस कार्यक्रम के अगले दिन रामलीला मैदान तक एक विशाल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-राजनीतिक संगठनों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और पत्रकारों का आह्वान किया कि वे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए इस आंदोलन में शामिल हों। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सत्ता और चुनाव आयोग की कार्यशैली मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है, जबकि प्रशासन लोगों को इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने से रोकने की कोशिशों में लगा है।

