भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास, सिंचाई परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण, भ्रष्टाचार पर कठोर नियंत्रण और किसानों को राहत प्रदान करने जैसे अनेक अहम विषयों पर दूरगामी निर्णय लिए गए। इस बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार बड़ी योजनाओं के साथ-साथ कुल 3,378 करोड़ रुपये की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
कम वर्षा से प्रभावित जिलों के किसानों को हरसंभव सहयोग का भरोसा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसानों द्वारा की जाने वाली बोवनी के रकबे का सटीक आकलन केंद्र सरकार के निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है। जिन जिलों में इस वर्ष मानसून की वर्षा कम दर्ज की गई है, वहाँ की स्थानीय परिस्थितियों का पृथक-पृथक मूल्यांकन किया जाएगा। सरकार हर स्थिति में अन्नदाताओं के साथ खड़ी है और उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या से बचाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
बारिश की कमी से जूझ रहे 12 जिलों में सूखा घोषित करने की प्रशासनिक तैयारी
कम वर्षा का सामना कर रहे प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों की स्थिति का बारीकी से जायजा लेकर विशेष सहायता पैकेज देने की तैयारी की जा रही है। इन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों की जरूरतों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कैबिनेट में इस संबंध में विशेष सहायता का प्रस्ताव पारित किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार इन जिलों को औपचारिक रूप से सूखाग्रस्त भी घोषित कर सकती है। उल्लेखनीय है कि इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्ना में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि अलीराजपुर जिले में सामान्य से लगभग 52 प्रतिशत तक की सबसे अधिक वर्षा कमी दर्ज की गई है।
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक और जेम पोर्टल का उपयोग
मंत्रिपरिषद की बैठक के उपरांत एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार का रुख पूरी तरह शून्य सहनशीलता का है। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गड़बड़ियों और अनियमितताओं की पहचान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अत्याधुनिक तकनीकों की मदद ली जा रही है। आर्थिक अपराधों की जांच से जुड़े विभागों के लिए 345 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, सरकारी खरीद और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जेम पोर्टल के उपयोग को अनिवार्य बनाया जा रहा है ताकि नगरीय निकायों सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
सामाजिक न्याय योजनाओं, सेमीकंडक्टर निवेश और स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा
कैबिनेट ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 651 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के तहत प्राप्त हुए 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मिली स्वीकृति की भी सराहना की गई। बैठक में आगामी 1 नवंबर से तीन दिनों तक मनाए जाने वाले मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती तथा भगवान बिरसा मुंडा जयंती के भव्य आयोजनों की रूपरेखा तय की गई। वहीं, दीपावली के अवसर पर माटी कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में मिट्टी से निर्मित सामग्री का प्रोत्साहन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

