इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले रामलीला मैदान का जायजा, कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को घेरा

नई दिल्ली। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य प्रमुख विपक्षी दल आगामी एक नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस बहुप्रतीक्षित रैली का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराना है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को दिल्ली के स्थानीय नेताओं के साथ कार्यक्रम स्थल रामलीला मैदान का प्रत्यक्ष रूप से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

रैली की व्यापक तैयारियां और कांग्रेस नेताओं के बयान

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस महाआयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली के सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि केसी वेणुगोपाल के आगमन के बाद सभी कार्यकर्ताओं को आगे की रूपरेखा और अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। खेड़ा के अनुसार इस विरोध प्रदर्शन में न केवल इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े दिग्गज शामिल होंगे, बल्कि देश के विभिन्न कोनों से भी आम लोग और समर्थक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

पुलिस प्रशासन पर कार्यक्रम की तैयारियों में बाधा डालने का गंभीर आरोप

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन इंडिया ब्लॉक की इस रैली से पहले की जाने वाली तैयारियों में लगातार अड़ंगे डाल रहा है। उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी ने पहले अशोक होटल के लॉन में एक आंतरिक कार्यक्रम आयोजित करने की विधिवत अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस के अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण वह अनुमति प्रदान नहीं की गई। वेणुगोपाल का कहना है कि इसके पश्चात जब कार्यकर्ताओं ने वैकल्पिक स्थान पर कार्यक्रम के लिए मंच और अन्य ढांचा तैयार करना शुरू किया, तब भी पुलिस ने वहां पहुंचकर कार्य को रुकवा दिया।

शीर्ष नेतृत्व और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का दावा

कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान में होने वाले इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए सरकार पुलिस पर अनुचित दबाव बना रही है। वेणुगोपाल के अनुसार पार्टी के पास आगामी पच्चीस अक्टूबर से तीन नवंबर तक के लिए रामलीला मैदान की वैध अनुमति मौजूद है, इसके बावजूद सप्ताहांत में मंच निर्माण के लिए पहुंचे कार्यकर्ताओं को खदेड़ा गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग की मांग कर रहा है और एक नवंबर को प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' मार्च के माध्यम से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक चुनावी व्यवस्था में सुधार नहीं होता, उनका यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

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