सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां शाहपुर क्षेत्र में एक 85 वर्षीय बुजुर्ग की जान बचाने के लिए समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों द्वारा कई बार सरकारी 108 आपातकालीन सेवा पर फोन करने और गुहार लगाने के बावजूद घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन परिजनों को बुजुर्ग मरीज की जान बचाने के लिए एक मालवाहक (लोडिंग) वाहन का सहारा लेना पड़ा, जिसका हृदयविदारक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
सांस की गंभीर तकलीफ के बाद शाहपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे परिजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहपुर निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग दुली अहिरवार को गत 23 अक्टूबर की रात्रि अचानक सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ और सीने में तीव्र दर्द की शिकायत हुई। परिवार के लोग उनकी बिगड़ती स्थिति को देखकर तत्काल उन्हें नजदीकी शाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार तो किया परंतु मरीज की नाजुक हालत को भांपते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने तुरंत सरकारी 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क किया और वाहन भेजने का आग्रह किया।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
परिजनों का आरोप है कि फोन करने के पश्चात वे लगभग दो घंटे तक लगातार एंबुलेंस के आने की प्रतीक्षा करते रहे, किंतु समय बीतने पर भी कोई सरकारी वाहन अस्पताल नहीं पहुंचा। जब स्थिति गंभीर होने लगी तो परिजनों ने चिकित्सकों को अवगत कराया कि वे किसी अन्य साधन से मरीज को ले जाने के लिए विवश हैं। मरीज की आसन्न मृत्यु को देखते हुए अस्पताल के संवेदनशील स्टाफ ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल एक लोडिंग वाहन की व्यवस्था की और उसमें जीवन रक्षक ऑक्सीजन सिलेंडर फिट करवा दिया। बुजुर्ग को लोडिंग वाहन के पिछले हिस्से में लिटाकर और मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर जिला अस्पताल रवाना किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के सख्त आदेश
लोडिंग वाहन में मरीज को ले जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. देवेश पटेरिया ने इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी से संपूर्ण घटनाक्रम का ब्योरा तलब किया है। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि यदि एंबुलेंस पहुंचने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या कोताही बरती गई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और इस संवेदनहीनता के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

