नदी किनारे 343 मतदाता पहचान पत्र मिलने से मचा हड़कंप, कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग

खरगोन। एक तरफ जहाँ देश में 'वोट चोरी' का मुद्दा गरमाया हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ महेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे भारी संख्या में लावारिस वोटर आईडी कार्ड तैरते और बिखरे हुए मिले हैं। ये सभी मतदाता पहचान पत्र इंदौर ज़िले के बताए जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड नदी में मिलने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है और पुलिस स्टेशन पहुँचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

सफाई अभियान के दौरान बरामद हुए कार्ड

कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, इंदौर से 40-50 लोगों की एक टीम महेश्वर में नर्मदा तट की सफाई के लिए आई हुई थी। जब कार्यकर्ताओं ने नदी तट पर सफाई कार्य शुरू किया, तो उनकी नज़र पानी में तैर रहे और किनारे पर पड़े वोटर कार्डों पर पड़ी। पार्टी का दावा है कि मौके से कुल 343 मतदाता पहचान पत्र बरामद किए गए हैं, जो सभी इंदौर निवासियों के हैं।

कांग्रेस ने की एफआईआर और सर्च ऑपरेशन की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक कार्यकर्ताओं के साथ तुरंत थाने पहुँचे और मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग व ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग उठाई। उन्होंने आशंका जताई कि नदी में और भी कार्ड हो सकते हैं, इसलिए गोताखोरों की मदद से नर्मदा नदी में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया जाना चाहिए।

पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई

पुलिस प्रशासन के अनुसार, नर्मदा किनारे सफाई अभियान के दौरान वोटर आईडी कार्ड मिलने की सूचना मिली थी। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर सभी बरामद कार्डों को अपने कब्ज़े में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्ड यहाँ तक कैसे पहुँचे और इन्हें किसने फेंका, इस पूरे मामले की गहन जाँच शुरू कर दी गई है।

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