Delhi Harsh Vihar Building Collapse : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना क्षेत्र स्थित मिलन गार्डन में सोमवार शाम एक निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दमकल की पांच गाड़ियों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया है.
#WATCH | दिल्ली | ADCP संदीप लांबा ने बताया, “शाम 7 बजे हमें इमारत के गिरने की सूचना मिली। यहां एक पुरानी एक मंजिला इमारत थी, जिसके ऊपर दूसरे तल का निर्माण किया जा रहा था… फिलहार रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं। NDRF, स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं। स्थानीय लोगों ने काफी मलबा हटाया है… अभी तक कोई रेस्क्यू नहीं हुआ है। कुछ लोगों के दबे होने की संभावना है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है।”
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 25, 2026
शाम 6:46 बजे मकान गिरने की सूचना दिल्ली फायर सर्विस को मिली थी. हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. इसके बाद पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया.
मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, सिविल डिफेंस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें भी पहुंचीं. एनडीआरएफ का डॉग स्क्वॉड और अन्य बचाव संसाधन मलबे में संभावित रूप से फंसे लोगों का पता लगाने में जुटे हैं.
फिलहाल मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में लोगों की मौजूदगी का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है.
पुरानी इमारत के ऊपर बनाई जा रही थी एक और मंजिल
दिल्ली के अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई इमारत मूल रूप से एक पुरानी और एक मंजिला इमारत थी. उसके ऊपर एक अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया जा रहा था. इसी दौरान इमारत का लेंटर गिर गया.
पुलिस अधिकारी के अनुसार, मकान के आसपास का क्षेत्र चारों तरफ से घिरा हुआ है. इस वजह से यह स्पष्ट रूप से पहचानना मुश्किल हो रहा है कि इमारत का कौन-सा हिस्सा ढहा है. घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए बचाव दल सावधानी के साथ मलबा हटाने में जुटे हैं.
डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के समय तक किसी व्यक्ति को मलबे से बाहर नहीं निकाला जा सका था. कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है, लेकिन उनकी संख्या और स्थिति के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
स्थानीय व्यक्ति ने बताई हादसे की वजह
घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि मकान में नया कंक्रीट का लेंटर डाला जा रहा था. उसके अनुसार, इमारत की नीचे वाली पुरानी छत कमजोर थी. इसी छत के ऊपर नया लेंटर बनाया जा रहा था.
स्थानीय व्यक्ति के दावे के मुताबिक, निर्माण के दौरान नीचे की पुरानी छत टूट गई और उसके साथ ऊपर बनाया जा रहा नया लेंटर भी गिर गया. उसने परिवार के सदस्यों के हवाले से यह आशंका भी जताई कि मकान में मौजूद दो लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं.
NDRF और दमकल की टीमें राहत कार्य में जुटीं
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं. डीडीएमए की डिजास्टर मैनेजमेंट टीम को भी मौके पर बुलाया गया है.
बचावकर्मी मलबे को हटाकर अंदर की स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. एनडीआरएफ के डॉग स्क्वॉड को भी संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में लगाया गया है. स्थानीय लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं.
फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बचाव अभियान पूरा होने और मलबे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इमारत में कितने लोग मौजूद थे और हादसे में किसी को चोट पहुंची है या नहीं.

