Kharge Complaint : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है. अब इस मामले में पटना के कोतवाली थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. बीजेपी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्णा सिंह कल्लू ने 25 अक्टूबर को पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
BJP leader Krishna Kumar Singh has filed a complaint with the Kotwali Police Station in Patna against Congress President Mallikarjun Kharge over his alleged derogatory remarks about Prime Minister Narendra Modi’s late father during a Congress programme at Bapu Sabhagar on October 25, 2026. He has urged the police to examine the videos and other evidence, verify the exact words and context of the remarks, and take appropriate legal action if any violation is established.
— IANS (@ians_india) October 25, 2026
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित तौर पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की. शिकायतकर्ता ने पुलिस से संबंधित बयान की खबरों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करने का आग्रह किया है.
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब खरगे की टिप्पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है. बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता इस बयान की आलोचना कर चुके हैं, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसका बचाव करते हुए घटना का संदर्भ सामने रखा है.
शिकायत में क्या मांग की गई?
बीजेपी नेता कृष्णा सिंह कल्लू की ओर से कोतवाली थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने से उन्हें और अन्य लोगों को दुख पहुंचा है.
शिकायतकर्ता ने पुलिस से तीन प्रमुख मांगें की हैं:
खरगे के बयान से संबंधित वीडियो और मीडिया रिपोर्टों की जांच की जाए.
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जाए.
यदि जांच में कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए.
यह शिकायतकर्ता की ओर से की गई मांग है. शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई या किसी कानूनी निष्कर्ष को लेकर अलग से पुष्टि आवश्यक है.
खरगे की टिप्पणी को लेकर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं को सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और नित्यानंद राय समेत अन्य बीजेपी नेताओं ने भी बयान की आलोचना की है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध नीतियों और कामकाज के आधार पर होना चाहिए, न कि परिवार से जुड़ी टिप्पणियों के जरिए.
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इस विवाद में खरगे के बयान का संदर्भ सामने रखते हुए बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया है. ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ शिकायत और संभावित कानूनी कार्रवाई के सवाल से भी जुड़ गया है.
क्या है खरगे के बयान का पूरा संदर्भ?
25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में खरगे संबोधन कर रहे थे. इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चर्चा हुई. इसी बीच दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ में टिप्पणी की, जिसके जवाब में खरगे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ और बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष को घेरना शुरू कर दिया.

