Kharge On Modi Remark दिल्ली-पटना : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बिहार की राजधानी पटना में दिए गए एक बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में खड़गे की टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य बीजेपी नेताओं ने आपत्ति जताई है. बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की है. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने बयान के संदर्भ का हवाला देते हुए बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया है.
यह विवाद डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में खड़गे के भाषण के दौरान शुरू हुआ. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा करते समय प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गई टिप्पणी अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गई है.
अमित शाह का कांग्रेस पर हमला,बोले- गाली-गलौज की राजनीति बची
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खड़गे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि पटना में की गई टिप्पणी ने सार्वजनिक जीवन की शालीनता की मर्यादा तोड़ी है.
शाह ने अपने बयान में कांग्रेस के पुराने राजनीतिक बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा गया और ‘चायवाला’ कहकर उनकी पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया गया.
गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि लगातार चुनावी हार से निराश कांग्रेस के पास अब न नीति बची है और न ही जनता से जुड़े मुद्दे. शाह ने दावा किया कि पार्टी राजनीतिक विरोध के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों पर निर्भर हो रही है.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी जताई नाराजगी
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खड़गे की टिप्पणी को अमर्यादित और असंसदीय बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी अपनी मर्यादा होती है और सार्वजनिक मंचों से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है.
नवीन के मुताबिक, किसी नेता के दिवंगत परिजनों को राजनीतिक भाषणों में घसीटना सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है. उन्होंने इस बयान को कांग्रेस की राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए पार्टी पर निशाना साधा.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस से की माफी की मांग
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी खड़गे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने टिप्पणी को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित बताते हुए कांग्रेस से पूरे देश से माफी मांगने की मांग की.
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी देश के लोगों की भावनाओं को आहत करती है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर कार्रवाई करने और सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की अपील की.
बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस मामले में कांग्रेस की आलोचना की. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजनीतिक मुकाबला नीतियों और विचारों के आधार पर होना चाहिए. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल सार्वजनिक शालीनता के लिहाज से दुर्भाग्यपूर्ण है.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी खड़गे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि नीतिगत मुद्दों पर बहस करने के बजाय पार्टी के नेता व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। ये सभी प्रतिक्रियाएं बीजेपी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं.
कांग्रेस ने किया खड़गे का बचाव, बीजेपी पर भी उठाए सवाल
बीजेपी नेताओं के हमलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने खड़गे के बयान का संदर्भ सामने रखते हुए पलटवार किया. कांग्रेस का कहना है कि टिप्पणी भाषण के दौरान श्रोताओं की ओर से की गई बात के जवाब में आई थी और इसे पूरे संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए.
भूपेश बघेल बोले- बयान को संदर्भ से अलग न देखें
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान का बचाव करते हुए कहा कि भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने यह बात कही. बघेल ने सवाल उठाया कि इस प्रतिक्रिया को इतना विवादित क्यों बनाया जा रहा है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए बीजेपी से सवाल किया कि राजनीतिक भाषणों में पहले इस्तेमाल की गई भाषा पर पार्टी के नेता क्यों नहीं बोलते. बघेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर बीजेपी जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रही है.
पवन खेड़ा ने बीजेपी पर लगाया बदसलूकी का आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी खड़गे का बचाव किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और संघ से जुड़े लोगों ने पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ अनुचित व्यवहार किया है.
खेड़ा के मुताबिक, पटना में भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री के सत्ता से न जाने की बात कही थी. उन्होंने दावा किया कि खड़गे ने इसी टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी. कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अध्यक्ष के साथ बार-बार हो रहे कथित दुर्व्यवहार के लिए बीजेपी नेतृत्व जिम्मेदार है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं.
यह पूरा विवाद 25 अक्टूबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे.
अपने संबोधन में खड़गे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा उठा रहे थे. उन्होंने कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा. इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी सुनाई दी.
इस पर खड़गे ने जवाब देते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ और मामला तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल गया. बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे भाषण के दौरान हुई नोकझोंक के संदर्भ में देखने की बात कही.
इस मामले में उस व्यक्ति का पक्ष भी सामने आया, जिसकी टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने बयान दिया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, व्यक्ति की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई. उन्होंने बाद में दावा किया कि उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई और उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया.
संतोष कुमार के मुताबिक, वह कहना चाहते थे कि विद्रोह के बिना मोदी नहीं जाएंगे, लेकिन उनकी बात का केवल एक हिस्सा सुनाई दिया. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से समझा गया.
यह स्पष्टीकरण विवाद के संदर्भ को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है. हालांकि, इससे खड़गे की टिप्पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच शुरू हुई राजनीतिक बहस समाप्त नहीं हुई है.
SIR और चुनावी राजनीति भी विवाद के केंद्र में
खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव जारी है. कांग्रेस चुनावी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों का विरोध करती रही है.
पटना के कार्यक्रम में खड़गे ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इसके बाद प्रधानमंत्री को लेकर उनकी टिप्पणी ने मूल मुद्दे से ध्यान हटाकर राजनीतिक भाषा और सार्वजनिक मर्यादा पर बहस को तेज कर दिया.
फिलहाल इस प्रकरण में दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. बीजेपी खड़गे से माफी की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस उनके बयान का बचाव करते हुए बीजेपी पर राजनीतिक मुद्दे को बढ़ाने का आरोप लगा रही है.

