Myanmar arms training case: दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को US नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और यूक्रेन के छह अन्य नागरिकों को भारत से बाहर रहने की इजाज़त अगले साल 24 फरवरी तक बढ़ा दी. उन्हें मार्च में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने म्यांमार में जातीय हथियारबंद ग्रुप को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
यह तब हुआ जब NIA ने कहा कि उन्हें मामले के कई पहलुओं की जांच के लिए और समय चाहिए.
वैंडाइक कोर्ट की सुनवाई के लिए भारत आए हैं
मैथ्यू वैंडाइक को एक महीने के लिए अपने देश लौटने की इजाज़त दी गई थी और वह शुक्रवार को कोर्ट की सुनवाई के लिए वापस आए. हालांकि, छह यूक्रेनी भारत नहीं लौटे हैं.
#WATCH | Myanmar Training camp case: Bailed-out US National Matthew Aaron Vandyke arrives at Delhi’s Rouse Avenue Court to appear before the NIA court, after returning from the USA. He was granted permission to travel to the USA to meet his family. In September 2026, the court had granted him permission to travel to the USA for a month. He was directed to return to India and to appear before the court.
— ANI (@ANI) October 23, 2026
कोर्ट ने पिछले महीने एक ऑर्डर में वैनडाइक को भारत लौटने के 72 घंटे के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने का निर्देश दिया था.
जांच में शामिल होने की शर्त पर अपने देश लौटने की मिली इजाजत
दिल्ली कोर्ट ने वैनडाइक और छह यूक्रेनियन को इस शर्त पर अपने-अपने देश लौटने की इजाज़त दी थी कि वे फिर से जांच में शामिल होंगे. सातों को मार्च में अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के कड़े नियमों के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बाद में सितंबर में फाइल की गई अपनी चार्जशीट में हटा दिया था.
Myanmar arms training case: इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत है सभी आरोपियों पर मामला दर्ज
चार्जशीट में, NIA ने सातों आरोपियों पर सिर्फ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत आरोप लगाए, यह एक ऐसा अपराध है जिसे कंपाउंड किया जा सकता है. वैनडाइक ने एक्ट के तहत कथित उल्लंघनों के लिए कंपाउंडिंग फीस का भुगतान किया और पिछले महीने कोर्ट ने उन्हें डिफ़ॉल्ट बेल दे दी.
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