चारधाम यात्रा ने बनाया नया रिकॉर्ड, अंतिम चरण में भी दर्शन के लिए भारी भीड़

देहरादून। चारधाम यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है और इस बार श्रद्धालुओं की आवाजाही ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में इस समय दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष कुल तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 60 लाख के पार पहुंच गया है, जो उत्तराखंड के प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास को साफ तौर पर दर्शाता है। इस बार मानसून के दौरान भी यात्रा बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रही।

रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

इस साल 19 अप्रैल को चारधाम यात्रा की शुरुआत हुई थी। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के अलावा हेमकुंड साहिब में भी दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा रही है। बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 20,70,500 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि केदारनाथ धाम में यह आंकड़ा 17,65,520 तक पहुंच गया। इसके अलावा गंगोत्री में 8,38,422, यमुनोत्री में 9,45,572 और हेमकुंड साहिब में 3,90,696 भक्तों ने मत्था टेका।

सरकार और प्रशासन के पुख्ता इंतजाम

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत पूरी यात्रा का संचालन बेहद सुचारू तरीके से किया गया। राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी सभी सुविधाएं और बेहतर मिल सकें। सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले हर श्रद्धालु को एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा का अनुभव कराना है।

शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की प्रक्रिया

अब आगामी 16 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम की मुख्य यात्रा शीतकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। हालांकि, इसके बाद भी श्रद्धालुओं के लिए चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों से शीतकालीन यात्रा का संचालन किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्त ठंड के मौसम में भी अपने आराध्य के दर्शन का लाभ उठा सकें।

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