न्यूयॉर्क। जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमोन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि यह तकनीक इतनी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है कि सरकारों के लिए इसके वैश्विक प्रसार को नियंत्रित करना बेहद कठिन होगा। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि एआई का विकास औद्योगिक क्रांति से भी कहीं अधिक तीव्र गति से हो रहा है, जिसमें हर कुछ हफ्तों में नई क्षमताएं जुड़ रही हैं। चीन समेत तमाम देशों में ओपन-सोर्स एआई मॉडल के तेजी से फैलने के कारण इस पर लगाम कसना सरकारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
काम के घंटे घटेंगे और बढ़ेगी कमाई
डिमोन का अनुमान है कि एआई इंसानों की काम करने की क्षमता को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इसके प्रभाव से आने वाले तीन दशकों में लोगों को सप्ताह में केवल साढ़े तीन से चार दिन ही काम करना पड़ेगा, और उनकी सालाना कमाई बढ़कर 3 लाख डॉलर यानी लगभग 2.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज टेक कंपनियां एआई के बुनियादी ढांचे पर 700 अरब डॉलर से ज्यादा का भारी-भरकम पूंजीगत निवेश कर रही हैं।
साइबर सुरक्षा और वित्तीय जोखिमों की चेतावनी
एआई के फायदों के साथ-साथ जेमी डिमोन ने इसके गंभीर खतरों के प्रति भी आगाह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एआई एजेंट 24 घंटे साइबर हमले कर सकते हैं, और यदि इन्हें भुगतान के लिए बैंक खातों तक सीधी पहुंच दे दी गई, तो बड़े सुरक्षा संकट खड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों और सरकारों को इन खतरों से निपटने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। एआई के प्रसार को रोकने के बजाय इससे जुड़े जोखिमों को संभालना ही आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

