रिजिम चेंज पर बोली टीएमसी-हां, हम चाहते हैं सत्ता परिवर्तन,कपिल सिब्बल ने भी सरकार को घेरा

TMC on regime change :  ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शुरु हुए विरोध प्रदर्शन अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रिजीम बदलने की कवायद क्या करार दिया, विपक्षी दलों ने इसे हाथो हाथ उठा लिया है.  पहले कांग्रेस और अब टीएमसी ने कहा है कि हां वो चाहते हैं कि सत्ता बदेल क्योंकि जनता ऐसा चाहती है. टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आक्रामक रुख अपनाते हुए लिखा, “हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं.”

उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो सरकार अपने ही निहत्थे नागरिकों को केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए अवैध रूप से हिरासत में लेती है और जेल भेजने के लिए पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करती है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. महुआ मोइत्रा का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है.

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का ट्वीट – “हाँ। हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। जो भी सरकार अपने ही निहत्थे नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए अवैध रूप से उठा लेती है, उन्हें हिरासत में रखती है, और न्यायिक अधिकारियों की आड़ में पुलिस तंत्र का इस्तेमाल करके उन्हें जेल में डाल देती है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. बिल्कुल सही, हमें अभी सत्ता परिवर्तन चाहिए”

कपिल सिब्बल का पलटवार-“अब सरकार के जाने का समय आ गया है”

महुआ मोइत्रा से पहले राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. दरअसल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं और अराजकता फैलाने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस आरोप का जवाब देते हुए कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं बल्कि देश की आम जनता चाहती है। सिब्बल ने आरोप लगाया कि जो सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे देकर सत्ता में आई थी, उसने खुद संस्थाओं पर कब्जा किया और मतदाता सूची में हेरफेर किया. उन्होंने कहा कि अब इस सरकार के जाने का वक्त आ गया है.

बीजेपी का पलटवार: विपक्ष पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अस्थिरता फैलाने का आरोप

विपक्ष के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और विपक्षी नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए.

बीजेपी नेतृत्व ने कहा कि विपक्ष की यह लड़ाई चुनाव सुधारों या युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है, बल्कि अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करने की हताशा है. इसे विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने का ‘अर्बन नक्सल’ एजेंडा करार देते हुए कहा गया कि देश की जनता लोकतंत्र को कमजोर करने के ऐसे किसी भी प्रयास को कभी सफल नहीं होने देगी.

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