PDU Educational Excellence Award 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया.
हाईस्कूल में अक्षत गोपाल और इंटरमीडिएट में गीतिका व सुशीला रहे टॉपर
समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया:
हाईस्कूल टॉपर: अक्षत गोपाल ने 98.20% अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया.
इंटरमीडिएट टॉपर: गीतिका पंत एवं सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 98% अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया.
उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया.

वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षाफल 92.10% तथा इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11% रहा, जिसे मुख्यमंत्री ने एक सराहनीय उपलब्धि बताया.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता थे. उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान से युक्त होनी चाहिए.
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार की प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया:
नंदा गौरा योजना: 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को ₹51,000 की प्रोत्साहन राशि.
वर्चुअल क्लासरूम: दूरस्थ क्षेत्रों के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम एवं सेंट्रल स्टूडियो.
अटल उत्कृष्ट विद्यालय: राज्य में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना और सरकारी स्कूलों में NCERT पुस्तकें अनिवार्य.
मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना: अनाथ बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था.
पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर जताई खुशी
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया. उन्होंने कहा कि अब हमारा अगला लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ना है.
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती नमामि बंसल सहित शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे.

