राहुल गांधी का दौरा, कार्रवाई, भूख हड़ताल की धमकी- जानिए अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ इंडिया गेट पर क्या हुआ

गुरुवार को दिल्ली में सुबह होने से पहले पुलिस ने इंडिया गेट पर कार्रवाई करते हुए अंकिता भंडारी Ankita Bhandari के माता-पिता का धरना खत्म खत्म करा दिया. अंकिता की सितंबर 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हत्या कर दी गई थी. उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था.
लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस MP राहुल गांधी पिछली शाम पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. विरोध प्रदर्शन में उत्तराखंड के पूर्व BJP इंचार्ज दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का गवर्नर बनाए जाने का विरोध किया गया.
खास बात यह है कि माता-पिता ने मांग की है कि जब तक मामले में कथित VIP एंगल की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक गौतम की नियुक्ति पर रोक लगा दी जाए.
गांधी के जाने के बाद, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए विरोध जारी रखा. सुबह होने से पहले पुलिस पहुंची, अंकिता के माता-पिता को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को मौके से हटा दिया.

बुधवार शाम राहुल गांधी शाम अंकिता के माता पिता से मिले

राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और दूसरे कांग्रेस नेताओं के साथ अंकिता के माता-पिता को सपोर्ट देने पहुंचे.

गांधी के इस दौरे से दिल्ली की सड़कों पर उनकी वापसी हुई, हालांकि एक अलग मकसद से. सोमवार को, उन्होंने इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नई पिटीशन फाइल करने के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़े मार्च का नेतृत्व किया.
परिवार के साथ 90 मिनट की मीटिंग के बाद, LoP ने X पर लिखा, “चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला है, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को सुरक्षा और एक संवैधानिक पद ज़रूर मिला है…मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ हैं – उनके दुख में और इंसाफ की इस लड़ाई में भी.”

राहुल के जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने संभाला मोर्चा

राज्यसभा MP पवन खेड़ा और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, पार्टी के दूसरे सदस्यों के साथ, भी धरने में शामिल हुए. यह विरोध प्रदर्शन इंडिया गेट गोल चक्कर और कर्तव्य पथ के जंक्शन के पास हुआ.
गांधी के जाने के बाद, कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल, उदय भानु चिब, मुमताज पटेल और पार्टी के दूसरे सीनियर नेता प्रदर्शनकारियों में शामिल हो गए.

माता-पिता को हिरासत में ले, प्रदर्शनकारियों पर की कार्रवाई

न्यूज़ एजेंसी PTI और ANI द्वारा शेयर किए गए विज़ुअल्स में दिखाया गया कि जब कांग्रेस कार्यकर्ता अंकिता के माता-पिता के साथ अपना धरना जारी रखे हुए थे, तो बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था.
सुबह होने से पहले, पुलिस ने उसके माता-पिता को हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC), जो पार्टी की यूथ विंग है, ने एक वीडियो शेयर किया है. इसमें दिख रहा है कि जब सुरक्षाकर्मी उन्हें साइट से हटा रहे थे, तो प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे और राष्ट्रीय झंडा लहरा रहे थे.

कांग्रेस ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने मर्डर केस में इंसाफ की मांग करने के लिए इकट्ठा हुए प्रोटेस्ट करने वालों के साथ बदसलूकी की. पुलिस की यह कार्रवाई राहुल और प्रियंका गांधी के प्रोटेस्ट वाली जगह पर अंकिता के माता-पिता से मिलने के कुछ घंटों बाद हुई.
तस्वीरों में पुलिसवाले, सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के जवानों के साथ, अंधेरे में प्रोटेस्ट करने वालों के पास पहुँचते और उन्हें ले जाते हुए दिख रहे हैं.

भंडारी के माता-पिता की तरफ़ से अल्टीमेटम, भूख हड़ताल की चेतावनी

जब उन्हें हिरासत में लिया जा रहा था, तो अंकिता के पिता ने गौतम का अपॉइंटमेंट कैंसिल करने के लिए केंद्र को 24 घंटे का समय दिया. उनकी माँ ने चेतावनी दी कि वह भूख हड़ताल पर जाएँगी.
अंकिता के पिता ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम दुष्यंत का अपॉइंटमेंट कैंसिल करने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हैं. अगर सरकार हमारी माँग नहीं मानती है तो पूरे देश में प्रोटेस्ट शुरू किए जाएँगे.”
उनकी माँ ने कहा, “हम यह बताना चाहते हैं कि जब तक उनका (दुष्यंत गौतम) अपॉइंटमेंट कैंसिल नहीं हो जाता, हम डटे रहेंगे… अगर हमें यहाँ बैठने की इजाज़त नहीं मिली, तो हम अपने घरों में भूख हड़ताल पर बैठेंगे.”

राहुल गांधी ने कार्रवाई की आलोचना की

राहुल गांधी ने भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लेने की निंदा की. उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “सुबह 4 बजे. जब दुनिया सो रही थी, अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया.”
उन्होंने आगे कहा, “उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे—बिना किसी हंगामे के, भारी कंधों के साथ, और बस यह मांग कर रहे थे कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का गवर्नर न बनाया जाए.”
गांधी ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी माता-पिता के साथ खड़ी है और तब तक खड़ी रहेगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता.

Ankita Bhandari कौन थीं?

ऋषिकेश के वनतंत्रा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली भंडारी की 18 सितंबर, 2022 को हत्या कर दी गई थी. चार दिन बाद उनकी बॉडी चिल्ला नहर में मिली थी.
इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्या, जो BJP के पूर्व नेता विनोद आर्या का बेटा है, और उसके दो कर्मचारी, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया गया था.
उसके परिवार ने हत्या में एक VIP के कथित तौर पर शामिल होने की डिटेल्ड जांच की मांग की है. गौतम को अपराध से जुड़े किसी भी मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है, और उसके खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं.
अंकिता के माता-पिता ने गौतम पर ज़िम्मेदार होने का आरोप लगाया है. उसने आरोपों से इनकार किया है.
परिवार चाहता है कि जांचकर्ता मामले में गौतम की भूमिका की जांच करें, जो नवंबर 2020 से अगस्त 2026 तक BJP के उत्तराखंड इंचार्ज के तौर पर काम कर रहे थे.
उनकी यह मांग पिछले साल दिसंबर में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर द्वारा एक ऑडियो क्लिप जारी किए जाने के बाद आई है. सनावर, जो BJP के पूर्व MLA सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करती हैं, ने जो जारी किया, उसके बारे में उन्होंने कहा कि यह राठौर के साथ एक टेलीफोन बातचीत थी जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि इस मामले में एक BJP नेता शामिल था.
इस कथित रिकॉर्डिंग के बाद पूरे उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने CBI जांच की मांग की. राज्य सरकार ने 11 जनवरी को जांच का आदेश दिया.
2 फरवरी को, CBI ने एक VIP के शामिल होने के आरोपों की जांच के लिए एक अनजान व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की. हालांकि, अंकिता की हत्या से जुड़े किसी भी मामले में गौतम को आरोपी नहीं बनाया गया है.

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