’40 साल से गुजरात में कांग्रेस नहीं जीती, क्या ये SIR का नतीजा?’ अमित शाह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

Amit Shah Rahul Gandhi दिल्ली : गुजरात के हालिया निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एकतरफा और प्रचंड जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। अमित शाह ने विपक्ष द्वारा ‘एसआईआर’ (SIR) को लेकर खड़े किए जा रहे सवालों का करारा जवाब देते हुए पूछा कि कांग्रेस गुजरात में पिछले 41 सालों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है, तो क्या इसका कारण भी SIR ही है?

अमित शाह ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे बीजेपी की जीत से सबक लें और चुनावों में लगातार मिल रही हार पर बहाने बनाने के बजाय पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर आत्मचिंतन (Self-Introspection) करें.

Amit Shah Rahul Gandhi:गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का दबदबा, AAP की जमानत जब्त

गुजरात निकाय चुनाव के नतीजों का ब्योरा देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य की जनता आज भी पूरी मजबूती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है:

  • सीटों का आंकड़ा: 3 नगर पालिकाओं और नगर निगमों की कुल 104 सीटों में से बीजेपी ने 90 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.

  • गांधीनगर नगर निगम: अमित शाह के अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी ने 44 में से 38 सीटों पर परचम फहराया.

  • वोट शेयर में उछाल: पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर में बीजेपी के वोट शेयर में 10% की बढ़त दर्ज की गई है.

  • विपक्ष का सूपड़ा साफ: आम आदमी पार्टी (AAP) ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसकी सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई.

’41 सालों से गुजरात में हार रही कांग्रेस, क्या यह SIR का असर है?’

अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे SIR के बहाने घुसपैठियों को बचाने की राजनीति कर रहे हैं.

“कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में 41 सालों से एक भी चुनाव नहीं जीता है। उन्होंने आखिरी चुनाव 1985 में जीता था, तब से लगातार हार रहे हैं। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या यह भी SIR का नतीजा है? SIR तो 2024 के बाद लागू हुआ है। जब से राहुल गांधी पार्टी के मुख्य नेता, अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बने हैं, कांग्रेस लगातार हार का सामना कर रही है।”

उपचुनावों के नतीजों पर भी घेरा: ‘बैलेट पेपर से हुए चुनावों का सच’

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि जो लोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर सवाल उठाते हैं, उन्हें हालिया उपचुनावों और निकाय चुनावों के नतीजों को देखना चाहिए:

  1. बैलेट पेपर से चुनाव: उन्होंने बताया कि ये चुनाव बैलेट पेपर (Ballot Paper) से कराए गए थे, जिसने विपक्षी आरोपों की हवा निकाल दी है.

  2. उपचुनाव में सूपड़ा साफ: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के हालिया उपचुनावों में भी कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला.

  3. प्रमुख जीतें:

    • नौगांव: बीजेपी ने कांग्रेस से यह सीट 1,42,000 वोटों के अंतर से छीनी.

    • नंदीग्राम: बीजेपी उम्मीदवार ने 76% वोट हासिल कर 1,22,000 वोटों की बड़ी बढ़त बनाई.

    • रेजीनगर (बंगाल): बीजेपी ने टीएमसी से यह सीट 75,000 से अधिक वोटों से छीन ली.

    • पुडुचेरी: एनडीए (AINRC) उम्मीदवार ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को केवल 22% वोट मिले.

‘बनावटी मीडिया इवेंट्स और 8 हजार की भीड़ से देश नहीं बनता’

राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में 33 साल, बंगाल में 54 साल और गुजरात में 41 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है. यूपी, बिहार और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में दशकों से जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है.

अमित शाह ने अंत में कहा:

“आप बनावटी मीडिया इवेंट्स और ‘झूठ की गूंज’ से देश की जनता का भरोसा नहीं जीत सकते. 14 पार्टियों के कार्यकर्ताओं को एकत्र कर डेढ़ किलोमीटर के दायरे में 8,000 लोगों की भीड़ जुटाने से कोई ‘देश की आवाज’ नहीं बन जाता. भारत की असली आवाज खेतों-खलिहानों, गांवों, पहाड़ों और जंगलों में बसती है। नकारात्मक राजनीति छोड़कर कांग्रेस को जमीनी हकीकत समझनी होगी.”

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