Haridwar Kumbh preparations देहरादून: उत्तराखंड में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सभी जरूरी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों को समानांतर रूप से पूरा किया जा सकता है, उन्हें एक साथ शुरू किया जाए, ताकि समय का अधिकतम सदुपयोग हो और कुंभ शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं तैयार रहें.
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े प्रत्येक काम की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर देरी न होने दी जाए.
Haridwar Kumbh preparations:जनगणना और चुनाव के बीच मानव संसाधन की तैयारी
बैठक में मुख्य सचिव ने जनगणना और निर्वाचन संबंधी कार्यों के कारण कुंभ मेला 2027 के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए अभी से कार्ययोजना तैयार करने को कहा.
उन्होंने संबंधित विभागों को कुंभ मेले के लिए आवश्यक मानव संसाधन का आकलन करने और समय रहते अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती की योजना तैयार करने के निर्देश दिए. उनका जोर इस बात पर रहा कि मेले के दौरान किसी भी विभाग में मानव संसाधन की कमी के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित न हों.
साइनेज पर QR कोड, श्रद्धालुओं को मिलेगी पूरी जानकारी
मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्र में साइनेज व्यवस्था को बेहतर और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रमुख स्थानों पर लगाए जाने वाले साइनेज में QR कोड की व्यवस्था की जाए.
इस QR कोड को स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को संबंधित स्थल के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व, वहां उपलब्ध सुविधाओं तथा अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी.
इसके साथ ही कुंभ क्षेत्र की विभिन्न लोकेशन, मार्गों और सुविधाओं की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने के लिए समर्पित मोबाइल ऐप तैयार करने की संभावना पर भी काम करने को कहा गया है.
कुंभ के बाद भी स्थायी व्यवस्थाओं के रखरखाव की योजना
मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेले के लिए तैयार की जा रही स्थायी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल केवल मेले तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इन परिसंपत्तियों के कुंभ के बाद भी संचालन और रखरखाव के लिए अभी से योजना तैयार की जाए.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों के साथ-साथ उनके भविष्य के संचालन और मेंटेनेंस की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए.
नवंबर तक पूरे हों अस्थायी पुलों के काम
कुंभ मेला क्षेत्र में बनने वाले अस्थायी पुलों को लेकर मुख्य सचिव ने विशेष निर्देश दिए. उन्होंने इन निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने और इन्हें नवंबर 2026 के अंत तक हर हाल में पूरा करने को कहा.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से काम की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और यदि कहीं कोई अड़चन सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए.
पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष जोर
कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के पहुंचने को देखते हुए मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि सरकारी और सरकारी एजेंसियों की जमीन पर पार्किंग तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए किए जाने वाले कार्य तत्काल शुरू किए जाएं. इससे मेले से पहले इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा.
नहरबंदी की अवधि का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश
बैठक में नहरबंदी के दौरान किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की गई. मुख्य सचिव ने कहा कि नहरबंदी की अवधि में होने वाले सभी जरूरी कार्यों की तैयारी पहले से पूरी कर ली जाए, ताकि उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग किया जा सके.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि काम शुरू होने के बाद किसी तरह की तैयारी की कमी के कारण समय बर्बाद नहीं होना चाहिए. सभी आवश्यक सामग्री, संसाधन और कार्ययोजना पहले से तैयार रखी जाए.
सिंचाई और पेयजल के कार्यों की लगातार निगरानी
मुख्य सचिव ने सिंचाई और पेयजल विभाग के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कुंभ मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं.
उन्होंने मेलाधिकारी और संबंधित विभागाध्यक्षों को इन कार्यों की व्यक्तिगत रूप से नियमित समीक्षा करने को कहा. अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा कराने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
यातायात के लिए तैयार होंगे वैकल्पिक मार्ग
कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक वैकल्पिक मार्गों और यातायात संबंधी व्यवस्थाओं को समय से तैयार कर लिया जाए. इसका उद्देश्य मुख्य मार्गों पर दबाव कम करना और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है.
मेलाधिकारी करेंगे लगातार स्थलीय निरीक्षण
मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी को कुंभ से जुड़े कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि मौके पर निरीक्षण के दौरान यदि किसी तरह की समस्या सामने आती है तो शासन को तत्काल इसकी जानकारी दी जाए.
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा.
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. निर्माण, यातायात, पेयजल, सिंचाई, पार्किंग, मानव संसाधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को एकीकृत तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेष बगौली, नितेश कुमार झा, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप और मेलाधिकारी सोनिका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
कुंभ मेला 2027 उत्तराखंड के लिए बड़ा आयोजन है. ऐसे में शासन का फोकस अभी से आधारभूत ढांचे, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, यातायात, पार्किंग और स्थायी व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करने पर है. मुख्य सचिव के निर्देशों से साफ है कि सरकार निर्माण कार्यों में देरी की गुंजाइश नहीं रखना चाहती और हर स्तर पर समयबद्ध मॉनिटरिंग पर जोर दिया जा रहा है.

