हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Rupi Soren passes away रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 की शाम निधन हो गया। उन्होंने रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में करीब रात 8:30 बजे अंतिम सांस ली। वह लगभग 80 वर्ष की थीं।

रूपी सोरेन लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। उन्हें 18 सितंबर को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और उन्हें बुधवार को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उनका निधन हो गया।

Rupi Soren passes away:कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं रूपी सोरेन

रूपी सोरेन की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें किडनी संबंधी परेशानी समेत कई स्वास्थ्य जटिलताएं थीं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।

हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. नितेश प्रिय ने बताया कि रूपी सोरेन को 18 सितंबर को सांस लेने में तकलीफ के बाद भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मां की तबीयत देखने अस्पताल पहुंचे थे हेमंत सोरेन

मां की गंभीर हालत की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अस्पताल पहुंचे थे। इससे पहले उनकी मां की तबीयत को लेकर मुख्यमंत्री लगातार डॉक्टरों से संपर्क में थे।

रूपी सोरेन की हालत बिगड़ने के कारण मुख्यमंत्री के कुछ कार्यक्रम भी स्थगित किए गए थे। राज्य मंत्रिपरिषद की प्रस्तावित बैठक को भी टाल दिया गया था।

मां के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने लिखा कि पिता शिबू सोरेन के निधन के बाद मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।

शिबू सोरेन की पत्नी थीं रूपी सोरेन

रूपी सोरेन झारखंड के राजनीतिक इतिहास से जुड़े सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य थीं। उनका विवाह झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन से हुआ था।

शिबू सोरेन लंबे समय तक झारखंड की राजनीति में सक्रिय रहे और राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे। उनका निधन अगस्त 2025 में हुआ था। पति के निधन के बाद रूपी सोरेन परिवार के साथ रहीं और सोरेन परिवार की वरिष्ठ सदस्य के रूप में उनकी भूमिका बनी रही।

1999 में चुनाव भी लड़ चुकी थीं रूपी सोरेन

रूपी सोरेन का राजनीतिक जीवन भले ही बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने चुनावी राजनीति में भी कदम रखा था। उन्होंने 1999 में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय दुमका अविभाजित बिहार का हिस्सा था।

इस चुनाव में उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी से हुआ था। वह चुनाव करीब 4,648 वोटों के अंतर से हार गई थीं। इसके बाद उन्होंने कोई लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा और परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय रहीं।

पति के निधन के बाद परिवार के साथ रहीं

शिबू सोरेन के निधन के बाद रूपी सोरेन के लिए यह दूसरा बड़ा व्यक्तिगत आघात था। करीब एक साल से अधिक समय के भीतर परिवार ने पहले शिबू सोरेन और अब रूपी सोरेन को खो दिया है।

रूपी सोरेन की पहचान सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत शांत रहने वाली महिला के तौर पर रही। हालांकि, शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक जीवन और झारखंड आंदोलन के दौर में उन्होंने परिवार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नेमरा में होगा अंतिम संस्कार

रूपी सोरेन के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रांची स्थित आवास ले जाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में किया जाएगा। नेमरा सोरेन परिवार का पैतृक गांव है और यहीं शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार किया गया था।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी रूपी सोरेन के निधन पर शोक जताया। उनके निधन को सोरेन परिवार के साथ-साथ झारखंड के सार्वजनिक जीवन के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षति के रूप में याद किया जा रहा है।

रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के राजनीतिक रूप से प्रभावशाली सोरेन परिवार ने एक और करीबी सदस्य को खो दिया है। पति शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा शोक है। अब उनकी अंतिम विदाई नेमरा में होगी, जहां सोरेन परिवार की राजनीतिक और पारिवारिक स्मृतियां गहराई से जुड़ी हुई हैं।

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