CJP Protest Delhi 10 March नई दिल्ली: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध के बीच अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने भी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। हालांकि, पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले और दिल्ली की सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों यानी SHO को अपने-अपने इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित प्रदर्शनकारियों की आवाजाही की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
CJP Protest Delhi 10 March : 2,800 से ज्यादा लोगों पर नजर रखने के निर्देश
मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए पहले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के तौर पर चिह्नित किए गए करीब 2,800 लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है.
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस को ऐसे लोगों की पहचान करने और यह पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि इनमें से कोई व्यक्ति विरोध प्रदर्शन वाली जगह की ओर तो नहीं जा रहा है.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस द्वारा किसी व्यक्ति को आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताए जाने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति किसी नए अपराध में शामिल है. प्रदर्शन के संदर्भ में पुलिस की निगरानी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है.
बसों की बुकिंग और आवाजाही की भी निगरानी
पुलिस के निर्देशों में स्थानीय बस ऑपरेटरों की गतिविधियों पर नजर रखना भी शामिल है. अधिकारियों को बसों की बुकिंग और उनके गंतव्य की जानकारी जुटाने को कहा गया है.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं बड़ी संख्या में लोगों को किसी समूह के रूप में नई दिल्ली जिले की ओर तो नहीं लाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, यदि ऐसी सामूहिक आवाजाही की जानकारी मिलती है तो स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं.
विश्वविद्यालयों और PG संचालकों से संपर्क
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने दिल्ली के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रशासन से भी संपर्क करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि वे शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से बात करें और छात्रों को प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए आवश्यक सलाह देने को कहें.
इसके अलावा छात्रों के रहने वाले इलाकों में PG संचालकों से भी संपर्क करने की बात सामने आई है. पुलिस उनसे छात्रों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह देने को कह रही है.
दिल्ली की तीन सीमाओं पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
पुलिस के मुताबिक, संभावित प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने के तीन प्रमुख रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. इनमें उत्तर प्रदेश से लगती पूर्वी सीमा, उत्तरी सीमा और दक्षिण-पश्चिमी सीमा शामिल हैं.
दक्षिण-पश्चिमी सीमा से राजस्थान की तरफ से आने वाले लोगों पर भी नजर रखने की बात कही गई है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है.
नई दिल्ली जिले में प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली जिले में किसी भी स्थान पर प्रदर्शनकारियों को बैठने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं. जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है.
पुलिस को आशंका है कि यदि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोका गया तो वे वैकल्पिक स्थानों पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर सकते हैं. ऐसे में पुलिस ने स्थानीय अधिकारियों को इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार रहने को कहा है.
जुलाई के प्रदर्शन में भी FRS से हुई थी पहचान
पुलिस के मुताबिक, जुलाई में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए 2,873 लोगों की पहचान की गई थी, जिनके बारे में पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड होने का दावा किया था.
पुलिस के अनुसार, इनमें करीब 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में आरोपी रहे हैं. पुलिस ने यह भी दावा किया था कि पहचाने गए लोगों में 101 ऐसे लोग थे, जिन पर हत्या के मामले दर्ज थे. इनमें 42 लोगों पर दो या उससे अधिक हत्या के मामले और 12 लोगों पर 10 या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज होने का दावा किया गया था.
इन आंकड़ों को पुलिस के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए. किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है.
SIR को लेकर बढ़ रहा राजनीतिक विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में पहले से ही विवाद चल रहा है.विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.
इसी राजनीतिक माहौल के बीच CJP ने भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. दिल्ली पुलिस की अनुमति अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है.

