SING Forum 2026 सिंगापुर : छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. सिंगापुर में आयोजित सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया गया. भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) के नामांकन पर छत्तीसगढ़ के करीब 3 करोड़ लोगों की आवाज को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अवसर मिला.

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में सिंगापुर की विदेश और व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री गैन सिओ हुआंग,हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे ग्लोबल बिजनेस लीडर्स की मौजूदगी रही. मंच से छत्तीसगढ़ की आर्थिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों और तेजी से बदलती विकास की तस्वीर को दुनिया के सामने रखने का अवसर मिला.

SING Forum 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संबधन
SING Forum 2026:अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की पहचान
SING Forum 2026 जैसे वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.छत्तीसगढ़ लंबे समय से अपने समृद्ध वन क्षेत्र और खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है,लेकिन अब राज्य की पहचान केवल प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है.
राज्य में उद्योग, निवेश, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, कृषि, खनन और अन्य क्षेत्रों में संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक कारोबारी समुदाय के सामने छत्तीसगढ़ को ‘अवसरों की भूमि’ के रूप में पेश करना राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर को रेखांकित करता है.
करीब 3 करोड़ लोगों की आवाज पहुंची वैश्विक मंच तक
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधि ने कहा कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर राज्य के लगभग 3 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गौरव की बात है.
उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख कारोबारी और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और उसकी संभावनाओं को सामने रखना गर्व का क्षण रहा. उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं और अब राज्य वैश्विक निवेश तथा कारोबारी अवसरों के लिए भी चर्चा में है.
प्राकृतिक संसाधनों से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के साथ-साथ विशाल वन संपदा मौजूद है. यही संसाधन लंबे समय से राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रहे हैं.
हालांकि बदलते आर्थिक परिदृश्य में छत्तीसगढ़ अब अपने संसाधनों के साथ-साथ नए उद्योग, निवेश, रोजगार और व्यापारिक अवसरों पर भी जोर दे रहा है. वैश्विक मंच पर राज्य की संभावनाओं को रखना इसी बदलाव का संकेत माना जा सकता है.
ग्लोबल बिजनेस लीडर्स के सामने रखी राज्य की तस्वीर
SING Forum 2026 में दुनिया के कारोबारी जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार के नजरिए से अपनी संभावनाएं सामने रखने का अवसर दिया.
सिंगापुर भारत के लिए व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी की दृष्टि से महत्वपूर्ण देश है. ऐसे में सिंगापुर में आयोजित इस तरह के मंच पर छत्तीसगढ़ की क्षमता और संभावनाओं की चर्चा राज्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है.
निवेश और विकास के लिए बढ़ सकती हैं संभावनाएं
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनन और ऊर्जा की बड़ी भूमिका रही है. इसके साथ ही कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और नई तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं मौजूद हैं.
वैश्विक मंचों पर राज्य की इन क्षमताओं को सामने रखने से विदेशी निवेशकों और कारोबारी समूहों के बीच छत्तीसगढ़ को लेकर रुचि बढ़ाने में मदद मिल सकती है. खासतौर पर ऐसे समय में जब भारत के विभिन्न राज्य अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं.
‘अवसरों की भूमि’ के रूप में नई पहचान
छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल जंगल और खनिजों वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि निवेश और विकास की नई संभावनाओं वाले प्रदेश के तौर पर स्थापित करने की कोशिश हो रही है.
SING Forum 2026 के मंच से भी यही संदेश सामने आया कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ अब आर्थिक अवसरों और वैश्विक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
अंतरराष्ट्रीय मंच से छत्तीसगढ़ की आवाज उठना राज्य के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक निवेश के दौर में किसी प्रदेश की क्षमता सिर्फ उसके संसाधनों से नहीं, बल्कि दुनिया के सामने उसकी विकास क्षमता, नीतियों और कारोबारी संभावनाओं की प्रस्तुति से भी तय होती है.
SING Forum 2026 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व इसी बदलती तस्वीर की ओर संकेत करता है. संदेश साफ है कि छत्तीसगढ़ अब देश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान और संभावनाओं को मजबूती से रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

