CJP Protest से पहले अभिजीत दीपके का बड़ा सवाल- ‘शिवाजी पार्क में प्रदर्शन से असुविधा तो दिल्ली में मेट्रो बंद करना क्या है?’

CJP Protest Mumbai : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मुंबई के शिवाजी पार्क में शुरु हो गया है. प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रशासन की ओर से लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाया है.उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि अगर शिवाजी पार्क में प्रदर्शन से लोगों को असुविधा होने की बात कही जा रही है, तो दिल्ली में मेट्रो बंद करना क्या है?

CJP ने इस प्रदर्शन को ‘जेल भरो आंदोलन’ का नाम दिया है. संगठन ने पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

CJP Protest Mumbai:अभिजीत दीपके ने उठाया दिल्ली मेट्रो का मुद्दा

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाया.उनका तर्क है कि यदि शिवाजी पार्क में प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी होने की आशंका के आधार पर अनुमति नहीं दी जा रही है, तो दिल्ली में प्रदर्शन के चलते मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने से आम यात्रियों को होने वाली परेशानी पर भी सवाल उठना चाहिए.

दिल्ली में 2 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस के निर्देश पर 12 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद किए गए.इनमें राजीव चौक, मंडी हाउस, आईएनए और नई दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल रहे। इंटरचेंज सुविधाएं कुछ स्टेशनों पर चालू रखी गईं.

मुंबई में 4 बजे से CJP का प्रदर्शन

CJP के मुताबिक मुंबई में प्रदर्शन शुक्रवार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 के पास शुरू किया जाना है.पार्टी ने इसे अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत बताया है.

CJP की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई बदलाव शामिल हैं. संगठन Special Intensive Revision (SIR) को रोकने, मतदाता सूची से जुड़े मामलों की जांच और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है.

पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति

मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया है.पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से भीड़, यातायात, शोर और इलाके की संवेदनशीलता से जुड़ी चिंताएं बताई गई हैं.

इसके बाद अभिजीत दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया. CJP का कहना है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन करेगा.

शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने भी प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि बड़े प्रदर्शनों से यातायात, शोर और इलाके में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है.

शिवाजी पार्क में जुटने लगी भीड़

CJP की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार समर्थकों से शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की जा रही है. पार्टी ने दावा किया है कि प्रदर्शन शुरू होने के निर्धारित समय से पहले ही बड़ी संख्या में लोग इलाके में पहुंचने लगे हैं.

CJP ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे गांधी जयंती के दिन होने वाला बड़ा आंदोलन बताया है. संगठन का कहना है कि मुंबई से शुरू होने वाला यह अभियान आगे देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा.

‘जेल भरो’ से राष्ट्रव्यापी आंदोलन तक

अभिजीत दीपके ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि CJP का आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा. संगठन ने गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता समेत अन्य शहरों में भी प्रदर्शन की योजना की जानकारी दी है.

CJP का कहना है कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते. इसके साथ ही संगठन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी बहस की मांग कर रहा है.

दिल्ली में भी प्रदर्शन, हिरासत और सुरक्षा बढ़ी

इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में भी 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन हुआ. छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी.

दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंध लगाए थे.जंतर-मंतर क्षेत्र में बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद किए जाने को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हुई है.

विवाद की पृष्ठभूमि में SIR

CJP के प्रदर्शन की प्रमुख वजह चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया है. संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और नामों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए.

दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और अपात्र या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के बीच मतभेद जारी हैं.

CJP का आंदोलन इसी व्यापक विवाद को लेकर ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है.

अब नजर शिवाजी पार्क पर

फिलहाल सबकी नजर मुंबई के शिवाजी पार्क पर है, जहां CJP ने शाम 4 बजे प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है. पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन के आंदोलन पर कायम रहने से प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है.

मुंबई के इस प्रदर्शन को CJP अपने राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत बता रहा है.वहीं प्रशासन की चुनौती कानून-व्यवस्था, यातायात और स्थानीय लोगों की सुविधा बनाए रखने की है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और CJP की अगली रणनीति पर भी नजर रहेगी.

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