भोपाल| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक औपचारिक मुलाकात की। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बीच हुई इस उच्चस्तरीय बैठक की आधिकारिक तस्वीरें भी सामने आई हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और आगामी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के संदर्भ में विस्तार से अवगत कराया।
निवेश, औद्योगिक प्रगति और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, प्रशासनिक उपलब्धियों, नए निवेश और प्रदेश की समग्र प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2027 में मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (Global Investors Summit) के लिए मुख्य अतिथि के रूप में सादर आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेशकों के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक माहौल तैयार करने, औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।
'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी
मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल ही में आरंभ की गई महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के स्वरूप और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया। इसके साथ ही, उन्होंने पिछले 17 सितंबर से प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित की जा रही सामाजिक व जनहित गतिविधियों की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सफल संचालन किया जा रहा है।
उज्जैन सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारियां और महाकुंभ का स्वरूप
इस बैठक का एक प्रमुख आकर्षण उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां रहीं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को इस महापर्व के लिए बनाई जा रही कार्ययोजना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस दिव्य महाकुंभ के आयोजन के लिए लगभग 3,060 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का वृहद प्रस्ताव तैयार किया है। अनुमान है कि इस महाकुंभ में देश-विदेश से लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन में पधारेंगे। इस विशाल आयोजन को सुचारू बनाने के लिए उज्जैन में आधुनिक सुविधाओं से लैस टेंट सिटी का निर्माण, सांची सहकारिता संघ द्वारा एक नए दुग्ध संयंत्र की स्थापना तथा व्यापक स्तर पर उन्नत प्रशासनिक, स्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है।

