नई दिल्ली| चर्चित बारापुला एलिवेटेड रोड के फेज-3 के उद्घाटन के ठीक अगले दिन, बुधवार को इस नए मार्ग पर यातायात का पहला अनुभव मिलाजुला रहा। सुबह की शुरुआत भारी ट्रैफिक जाम के साथ हुई, लेकिन शाम होते-होते स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। बुधवार की सुबह मयूर विहार की तरफ प्रवेश मार्ग पर पुलिस और प्रशासन द्वारा बैरिकेड लगाए जाने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहे थे और लंबी कतारें लग गईं। सुबह करीब सवा दस बजे लोक निर्माण विभाग (PWD) की दो क्रेन की मदद से रास्ते में रखे भारी बैरिकेड और पत्थर हटाए गए। बैरिकेड हटते ही और रास्ता खुलते ही पीछे खड़े वाहन तेजी से एलिवेटेड कॉरिडोर पर आगे बढ़ने लगे।
डीएनडी और नोएडा लिंक रोड पर घटा वाहनों का दबाव
नया कॉरिडोर शुरू होने का सबसे बड़ा सकारात्मक असर डीएनडी (DND) फ्लाईओवर और नोएडा लिंक रोड पर देखने को मिला। इन व्यस्त मार्गों से गुजरने वाले तमाम वाहन चालकों ने पारंपरिक रास्तों को छोड़कर बारापुला फेज-3 के नए विकल्प को चुना। इसके परिणामस्वरूप, डीएनडी और नोएडा लिंक रोड पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो गया और यहाँ यातायात अपेक्षाकृत बेहद सुचारु रूप से चलता हुआ दिखाई दिया।
शाम के समय मात्र पाँच मिनट में तय हुआ साढ़े तीन किलोमीटर का सफर
बुधवार की शाम लगभग चार बजे जब धरातलीय स्थिति का जायजा लिया गया, तो मयूर विहार के पास एलिवेटेड रोड के प्रवेश बिंदु पर यातायात पूरी तरह सुचारु पाया गया। वाहन बिना किसी बड़े अवरोध या बाधा के सरपट आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान मयूर विहार की तरफ से एलिवेटेड रोड पर लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी दूरी का सफर तय किया गया, जिसे पूरा होने में केवल पाँच मिनट का समय लगा। दोपहर के बाद से ही नए कॉरिडोर पर लगातार वाहनों की आवाजाही बनी रही।
साइकिल चालकों के लिए विशेष और अलग लेन की सुविधा
इस नए बारापुला फेज-3 प्रोजेक्ट की एक बड़ी विशेषता यह है कि इस पर साइकिल चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अलग लेन का निर्माण किया गया है। इस पृथक लेन के बन जाने से साइकिल सवारों को तेज रफ्तार मोटर वाहनों के बीच नहीं चलना पड़ेगा, जिससे हादसों की आशंका कम होगी। आसपास के स्थानीय इलाकों से रोजाना साइकिल से आने-जाने वाले कामगारों और आम नागरिकों के लिए यह एक बेहद उपयोगी और सुविधाजनक कदम साबित होगा।
वाहन चालकों का असमंजस, रूट की उलझन और दिशा-सूचक बोर्डों का अभाव
उद्घाटन की खबरें पढ़कर बड़ी संख्या में वाहन चालकों को यह भ्रम हो गया कि नया मार्ग पूरी तरह से खुल चुका है। मयूर विहार निवासी रितेश ने बताया कि उन्हें लगा कि सड़क आम जनता के लिए सुलभ है, लेकिन सुबह पहुँचने पर बैरिकेड मिले। इसी तरह अभिनव नामक चालक ने बताया कि नोएडा लिंक रोड से कई लोग नए रास्ते का उपयोग करने पहुँच गए थे।
सुबह के वक्त रिंग रोड की ओर जाने वाला मार्ग बंद होने के कारण चालकों को एम्स और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की तरफ डायवर्ट होना पड़ा, हालाँकि दोपहर बाद इसे खोल दिया गया। इसके अलावा, पर्याप्त दिशा-सूचक (साइन बोर्ड) नहीं होने के कारण पहली बार गुजरने वाले कई चालक रास्ता भटककर भ्रमित नजर आए। रिंग रोड जाने वाले वाहन आईएनए की तरफ और आईएनए जाने वाले रिंग रोड की ओर बढ़ गए।
बॉटलनेक (संकरा हिस्सा) और तीन से दो लेन का ट्रैफिक दबाव
मार्ग के तकनीकी संयोजन में एक बड़ी कमी यह देखने को मिली कि बारापुला फेज-3 से आने वाला तीन लेन का भारी ट्रैफिक आगे चलकर पुराने बारापुला की सिर्फ दो लेन में जाकर मिल रहा था। इसके साथ ही, डीएनडी की तरफ से आने वाला यातायात भी इसी हिस्से में आकर जुड़ रहा था। दूसरी तरफ से रिंग रोड के वाहनों का दबाव भी इसी बिंदु पर था। इस तरह तीन अलग-अलग दिशाओं का ट्रैफिक एक सीमित और संकरे हिस्से में मिलने के कारण 'बॉटलनेक' की स्थिति बन गई, जिससे लगभग दो किलोमीटर के दायरे में यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।

