मुंबई (महाराष्ट्र)। भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार को लेकर एक बेहद रोचक और चौंकाने वाला रुझान सामने आया है। सामान्य तौर पर निवेशकों के बीच यह धारणा आम होती है कि जिस म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) यानी प्रबंधित परिसंपत्ति सबसे अधिक है और जिसमें निवेशकों की संख्या भारी-भरकम है, वही फंड सबसे बेहतर प्रदर्शन करेगा। किंतु पिछले तीन वर्षों के वित्तीय आंकड़े इस पारंपरिक विचार को पूरी तरह गलत साबित करते नजर आ रहे हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव भरे दौर के बीच कई बड़े और बेहद लोकप्रिय म्यूचुअल फंड अपनी ही कैटेगरी के छोटे आकार वाले फंडों से काफी पीछे छूट गए हैं। बाजार में कुछ ऐसे फंड भी मौजूद हैं, जिनकी कुल एयूएम 100 करोड़ रुपये से भी कम है, लेकिन उन्होंने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक एयूएम वाले दिग्गजों के मुकाबले निवेशकों को कहीं बेहतर रिटर्न प्रदान किया है।
स्मॉलकैप कैटेगरी में छोटे फंडों का दबदबा
स्मॉलकैप (Small Cap) म्यूचुअल फंड कैटेगरी में भी कुछ इसी तरह की तस्वीर देखने को मिल रही है। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) स्मॉलकैप फंड की कुल एयूएम लगभग 3,601 करोड़ रुपये है, और इसने पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 27% का शानदार रिटर्न दिया है। इसके अतिरिक्त, यूनियन स्मॉलकैप और आईटीआई स्मॉलकैप ने भी लगभग 21% का मजबूत रिटर्न दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, मात्र 847 करोड़ रुपये की छोटी एयूएम वाले एलआईसी एमएफ स्मॉलकैप फंड ने भी 15% से अधिक का रिटर्न निवेशकों को दिया है।
लार्जकैप फंडों का प्रदर्शन और बड़े नामों पर दबाव
लार्जकैप (Large Cap) कैटेगरी की बात करें तो यहाँ सबसे बड़ी एयूएम 'आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज कैप फंड' के पास है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के 24 सितंबर 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस फंड की एयूएम लगभग 72,282 करोड़ रुपये है। पिछले एक साल के दौरान इस फंड ने लगभग 6 फीसदी का नकारात्मक (नेगेटिव) रिटर्न दर्ज किया है। इसी प्रकार, एसबीआई लार्जकैप, निप्पॉन इंडिया लार्जकैप और एचडीएफसी लार्जकैप जैसे दिग्गज फंड भी बाजार के दबाव से अछूते नहीं रहे। इसके विपरीत, मात्र 62 करोड़ रुपये की बेहद छोटी एयूएम वाला टॉरस लार्ज कैप फंड लगभग 7% का सकारात्मक रिटर्न देने में पूरी तरह सफल रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारी-भरकम पूंजी वाले फंड जहाँ पिछड़ गए, वहीं छोटे फंडों ने बेहतर प्रबंधन का परिचय दिया।
मिडकैप और अन्य कैटेगरी में भी दिखा बड़ा अंतर
मिडकैप (Mid Cap) कैटेगरी में भी प्रदर्शन का यह अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है। एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की विशाल एयूएम वाले एचडीएफसी मिडकैप फंड ने पिछले एक साल में 6 फीसदी से भी कम का रिटर्न दिया है। इसके विपरीत, केवल 1,483 करोड़ रुपये की एयूएम वाले आईटीआई मिडकैप फंड ने 10 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है। यही नहीं, मल्टीकैप और लार्ज एंड मिडकैप फंडों की श्रेणी में भी कई छोटी योजनाओं ने स्थापित बड़े फंडों के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है।
निवेशकों के लिए वित्तीय सलाह और सावधानी
केवल बड़े एयूएम (AUM) के आंकड़ों को देखकर किसी म्यूचुअल फंड का चयन न करें।
निवेश का निर्णय लेने से पहले फंड के पिछले 3, 5 और 7 वर्षों के दीर्घकालिक रिटर्न का विश्लेषण अवश्य करें।
इस बात की भी जाँच करें कि मंदी या बाजार में गिरावट के दौरान संबंधित फंड ने कितना नुकसान (डाउनसाइड रिस्क) झेला है।
फंड के अंतर्निहित पोर्टफोलियो और उससे जुड़े जोखिमों को भली-भांति समझें।
कम एयूएम होने मात्र से कोई फंड स्वचालित रूप से बेहतर नहीं हो जाता, उसके फंडामेंटल देखना जरूरी है।
केवल एक साल के अल्पकालिक रिटर्न के आधार पर निवेश का बड़ा फैसला करने से बचें।
तुलनात्मक आँकड़े: छोटे एयूएम वाले शानदार फंड
| म्यूचुअल फंड योजना | एयूएम (करोड़ रुपये में) | 3 साल में सीएजीआर (%) | 1 साल में रिटर्न (%) |
| बीओआई स्मॉलकैप | 3,601 | 22.63 | 26.69 |
| यूनियन स्मॉलकैप | 2,748 | 17.98 | 21.16 |
| आईटीआई स्मॉलकैप | 3,700 | 25.31 | 20.94 |
| एलआईसी एमएफ स्मॉलकैप | 847 | 19.19 | 15.46 |
| आईटीआई मल्टीकैप | 1,514 | 17.35 | 12.26 |
| एलआईसी एमएफ वैल्यू | 335 | 17.93 | 21.92 |
तुलनात्मक आँकड़े: बड़े एयूएम वाले फंड जो पीछे रह गए
| म्यूचुअल फंड योजना | एयूएम (करोड़ रुपये में) | 3 साल में सीएजीआर (%) | 1 साल में रिटर्न (%) |
| आईसीआईसीआई प्रू वैल्यू | 58,226 | 11.22 | -6.11 |
| आईसीआईसीआई प्रू लार्ज कैप | 72,282 | 10.24 | -5.94 |
| निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप | 52,187 | 10.57 | -5.71 |
| एचडीएफसी लार्ज कैप | 38,113 | 8.62 | -4.12 |
| पराग पारिख फ्लेक्सी कैप | 1,46,234 | 12.67 | -4.47 |
| एसबीआई कॉन्ट्रा | 46,060 | 10.82 | -2.59 |

