वोटिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने लगाए गंभीर आरोप

रायपुर (छत्तीसगढ़). छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों के लिए हाल ही में मतदान प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस चुनाव में कुल मिलाकर लगभग 14 लाख 56 हजार वोट पड़ने के आंकड़े सामने आए हैं। इसी बीच, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के एक प्रमुख प्रत्याशी विनय शील ने पूरी मतदान प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग का गंभीर आरोप लगाते हुए निर्वाचन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए चुनाव में इस्तेमाल किए जा रहे ‘With IYC’ ऐप की तकनीकी कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी या बाहरी हस्तक्षेप की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जाँच कराने की पुरजोर माँग की है।

प्रत्याशी विनय शील का ऐप और फर्जी वोटों को लेकर दावा

प्रत्याशी विनय शील ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि उनके व्यक्तिगत ऐप अकाउंट में अचानक सात नए ‘अनपेड वोट’ जुड़ गए हैं। उनके अनुसार, इन संदेहास्पद वोटों में से एक वोट सूरजपुर से, चार वोट खैरागढ़-छुईखदान से और दो वोट कोरबा जिले से जुड़े हुए पाए गए हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि ये सभी सातों वोट प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशी क्रमांक चार के पक्ष में दर्ज हुए हैं। विनय का स्पष्ट रूप से कहना है कि उन्होंने या उनके समर्थकों ने इन विशिष्ट वोटों के लिए किसी भी प्रकार का मतदान स्वयं नहीं कराया था, फिर भी ये उनकी आईडी में कैसे जुड़ गए, यह एक बड़ा रहस्य है।

मतदान ऐप की डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल

विनय शील ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी प्रत्याशी की व्यक्तिगत डिजिटल आईडी में बिना उनकी जानकारी और सहभागिता के इस प्रकार वोट जुड़ सकते हैं, तो यह अपने आप में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस मोबाइल ऐप में कोई अंदरूनी तकनीकी खामी (टेक्निकल ग्लिच) है अथवा किसी स्तर पर इसके डेटा के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।

उन्होंने यह भी मुख्य रूप से पूछा है कि यदि इस तरह के बेनामी या संदिग्ध वोट सिस्टम में दर्ज हो चुके हैं, तो निर्वाचन प्रक्रिया के तहत उन्हें किस नियम के अंतर्गत हटाया जाएगा। उन्होंने संबंधित चुनाव प्राधिकारियों और उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की तकनीकी जाँच कराने तथा स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने की माँग की है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद सभी उम्मीदवारों को इसकी आधिकारिक जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि इस पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।

स्क्रूटनी के पश्चात घोषित किए जाएंगे नए अध्यक्ष के परिणाम

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के इन चुनावों में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतों की 'स्क्रूटनी' (समीक्षा एवं छंटनी) की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होगी। इसी पूरी प्रक्रिया के बाद ही छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य विभिन्न पदों के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस पूरे चुनावी सफर के दौरान फर्जी सदस्यता और फर्जी मतदान के मुद्दों को लेकर पहले से ही काफी राजनीतिक विवाद और खींचतान की स्थिति बनी हुई थी।

अब मतदान संपन्न होने के ठीक बाद एक प्रमुख प्रत्याशी द्वारा अपनी ही डिजिटल आईडी में कथित तौर पर बिना अनुमति के वोट जुड़ जाने का मामला सामने आने से पूरी चुनाव प्रक्रिया की साख पर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं। हालाँकि, प्रत्याशी विनय शील की ओर से लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों की अभी तक किसी भी स्वतंत्र या आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। चुनाव आयोग और आंतरिक जाँच समिति की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित वोट वाकई किसी तकनीकी त्रुटि के कारण दर्ज हुए थे या फिर मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की कोई अनियंत्रित या अवैध छेड़छाड़ की गई है।

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